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पेलेट गन पीड़िता से मिलीं महबूबा, बोलीं- जरूरत पड़ी तो अपनी आंखें दे दूंगी
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Mon, 29 Aug 2016 05:11 PM IST
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इशां से बात करतीं महबूबा मुफ्ती
- फोटो : Amar Ujala
कश्मीर हिंसा के दौरान पेलेट गन की जद में आकर घायल हुई इंशा का मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल में जाकर कुशलक्षेम पूछा।
मुलाकात के बाद महबूबा ने कहा कि इंशा की आंखें फिर से दुनिया देख सकेंगी। जरूरत पड़ी तो वे इसके लिए अपनी आंखें भी देने को तैयार हैं।
महबूबा ने कहा कि इंशा की आंखों की रोशनी लौटाने के लिए स्थानीय अस्पताल आखिरी विकल्प नहीं है। आंखों को ठीक करना हो या फिर आंखें ट्रांसप्लांट करने की स्थिति बने, जम्मू-कश्मीर सरकार देश ही नहीं इंशा के इलाज के लिए विदेशों तक के विकल्प आजमाएगी।
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मुलाकात के बाद महबूबा ने कहा कि इंशा की आंखें फिर से दुनिया देख सकेंगी। जरूरत पड़ी तो वे इसके लिए अपनी आंखें भी देने को तैयार हैं।
महबूबा ने कहा कि इंशा की आंखों की रोशनी लौटाने के लिए स्थानीय अस्पताल आखिरी विकल्प नहीं है। आंखों को ठीक करना हो या फिर आंखें ट्रांसप्लांट करने की स्थिति बने, जम्मू-कश्मीर सरकार देश ही नहीं इंशा के इलाज के लिए विदेशों तक के विकल्प आजमाएगी।
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इंशा का इलाज सरकार की प्राथमिकता
महबूबा मुफ्ती
- फोटो : File Photo
महबूबा ने कहा कि उन्होंने अस्पताल की पर्ची ली है। उनकी बहन अमेरिका में रहती हैं। वहां के डाक्टरों से भी विचार विमर्श किया जाएगा।
अस्पताल पहुंचने पर महबूबा ने इंशा का चेहरा अपनी हथेली पर लिया तो इंशा फफक पड़ी। उसके परिजनों की आंखों से भी आंसू निकल पड़े। भावुक माहौल में महबूबा ने इंशा से पूछा कि क्या मुझसे बहुत नाराज हो?
उन्होंने कहा कि इंशा फिर देख सकेगी। उसका इलाज सरकार की प्राथमिकता है और सरकार इसके लिए किसी भी विकल्प को आजमाए बिना नहीं रहेगी। उन्होंने सफदरजंग अस्पताल के आई केयर सेंटर प्रशासन को भी इस बाबत हिदायतें दीं।
अस्पताल पहुंचने पर महबूबा ने इंशा का चेहरा अपनी हथेली पर लिया तो इंशा फफक पड़ी। उसके परिजनों की आंखों से भी आंसू निकल पड़े। भावुक माहौल में महबूबा ने इंशा से पूछा कि क्या मुझसे बहुत नाराज हो?
उन्होंने कहा कि इंशा फिर देख सकेगी। उसका इलाज सरकार की प्राथमिकता है और सरकार इसके लिए किसी भी विकल्प को आजमाए बिना नहीं रहेगी। उन्होंने सफदरजंग अस्पताल के आई केयर सेंटर प्रशासन को भी इस बाबत हिदायतें दीं।
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हिंसा में 6000 से ज्यादा लोग घायल
इंशा से मिलने के बाद मुख्यमंत्री ने एम्स में उपचाराधीन पुलिस कर्मी का भी हालचाल जाना। पुलिस कर्मी कश्मीर हिंसा के दौरान ही बुरी तरह से जख्मी हो गया था।
गौरतलब है कि आठ जुलाई को हिजबुल कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद से घाटी में उपद्रवियों और सुरक्षा बलों के बीच लगातार हिंसक झड़पें हो रहीं हैं। जिसमें अब तक 6000 से ज्यादा लोग घायल हो चुके हैं।
गौरतलब है कि आठ जुलाई को हिजबुल कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद से घाटी में उपद्रवियों और सुरक्षा बलों के बीच लगातार हिंसक झड़पें हो रहीं हैं। जिसमें अब तक 6000 से ज्यादा लोग घायल हो चुके हैं।