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डिनर डिप्लोमेसी : विपक्षी हमले से निपटने की बनी रणनीति
ब्यूरो, अमर उजाला/श्रीनगर
Updated Tue, 24 May 2016 10:55 AM IST
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रियासत की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती
- फोटो : File Photo
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मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने सोमवार को रात्रि भोज के दौरान विपक्ष को घेरने की रणनीति तैयार की। पीडीपी और भाजपा के सभी मंत्रियों, विधायकों तथा एमएलसी के साथ उन्होंने बजट सत्र को सुचारु रूप से चलाने तथा सरकार के पक्ष को प्रभावी तरीके से पेश करने की रणनीति बनाई।
बैठक में महबूबा ने कहा कि राज्य सरकार विकास में जुटी हुई है। सरकार को पांच छह महीने का मौका दिया जाना चाहिए। नतीजे दिखने लगेंगे। विपक्ष सरकार के विकास कार्यक्रमों से ध्यान बंटाने की भरपूर कोशिश करेगा लेकिन सत्ता पक्ष को धैर्य से अपनी बात रखनी है।
सत्ता पक्ष के विधायक होने के नाते वे बड़ी शालीनता के साथ अपनी बात रखें। इस बात को लेकर दोनों दलों में सहमति बनाई गई कि विपक्ष के हमले से कैसे बचना है। किस प्रकार से राज्य सरकार की उपलब्धियों तथा नीतियों को बेहतर तरीके से प्रस्तुत करना है।
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एजेंडा आफ एलायंस के हर बिंदुओं को प्रभावशाली तरीके से सदन के समक्ष रखने पर भी बात हुई। इसके साथ ही उन बिंदुओं पर भी रणनीति बनाई जाएगी जिस पर विपक्ष हमलावर रह सकता है। सैनिक कालोनी, एनआईटी, नीट, कश्मीरी पंडितों की ससम्मान घाटी वापसी, नई औद्योगिक नीति तथा पावर प्रोजेक्ट की वापसी जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
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बैठक में महबूबा ने कहा कि राज्य सरकार विकास में जुटी हुई है। सरकार को पांच छह महीने का मौका दिया जाना चाहिए। नतीजे दिखने लगेंगे। विपक्ष सरकार के विकास कार्यक्रमों से ध्यान बंटाने की भरपूर कोशिश करेगा लेकिन सत्ता पक्ष को धैर्य से अपनी बात रखनी है।
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सत्ता पक्ष के विधायक होने के नाते वे बड़ी शालीनता के साथ अपनी बात रखें। इस बात को लेकर दोनों दलों में सहमति बनाई गई कि विपक्ष के हमले से कैसे बचना है। किस प्रकार से राज्य सरकार की उपलब्धियों तथा नीतियों को बेहतर तरीके से प्रस्तुत करना है।
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एजेंडा आफ एलायंस के हर बिंदुओं को प्रभावशाली तरीके से सदन के समक्ष रखने पर भी बात हुई। इसके साथ ही उन बिंदुओं पर भी रणनीति बनाई जाएगी जिस पर विपक्ष हमलावर रह सकता है। सैनिक कालोनी, एनआईटी, नीट, कश्मीरी पंडितों की ससम्मान घाटी वापसी, नई औद्योगिक नीति तथा पावर प्रोजेक्ट की वापसी जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।