महबूबा सरकार ने हुर्रियत और सियासी दलों से सहयोग मांगा
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कश्मीर के हालात की समीक्षा के लिए मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की अध्यक्षता में रविवार को कैबिनेट की आपात बैठक बुलाई गई। बैठक के बाद सरकार की ओर से अलगाववादी हुर्रियत कांफ्रेंस तथा सभी सियासी पार्टियों से रियासत में सामान्य हालात पैदा करने में सहयोग की अपील की गई। कैबिनेट ने हिंसा में मरने वालों के प्रति शोक संवेदना जताते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
बैठक के बाद शिक्षा मंत्री नईम अख्तर ने पत्रकारों से कहा कि मुख्य धारा की पार्टियों नेशनल कांफ्रेंस, कांग्रेस, सीपीआई (एम) के साथ ही हुर्रियत के नेताओं से भी अपील की गई है कि यदि वे राज्य में शांति चाहते हैं तो लोगों की जान बचाने की खातिर राज्य सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों में उनका सहयोग चाहिए।
युवाओं के अभिभावकों से भी उन्हें समझाने की अपील की गई है। उन्होंने कहा कि कैबिनेट ने घाटी में लगातार बिगड़ रहे हालात की भी समीक्षा की। कुछ दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं हुईं ,जिसमें कई पुलिस थानों तथा सुरक्षा बलों के कैंप को निशाना बनाया गया। इनके चलते सुरक्षा एजेंसियों को हथियार उठाने को विवश होना पड़ा। कई पुलिस थानों को जला दिया गया तथा कई कैंपों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई।
फंसे यात्रियों के लिए अतिरिक्त उड़ान के प्रबंध का एयरलाइंस से आग्रह
उन्होंने कहा कि कैबिनेट ने पुलिस तथा सुरक्षा बलों से अधिक संयम बरतने को कहा है, ताकि जानमाल का कम से कम नुकसान हो। सुरक्षा बलों की कार्रवाई संबंधी शिकायतों की भी जांच कराई जाएगी, ताकि लोगों में विश्वास की बहाली हो सके। संपत्ति के नुकसान की तो भरपाई हो सकती है, लेकिन जान की भरपाई संभव नहीं है। सरकार अपने दायित्वों के प्रति गंभीर है।
यह फैसला किया गया है कि लोगों की जान माल की सुरक्षा के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने लोगों खासकर युवाओं से वैसे तत्वों से सावधान रहने की अपील की है जो अपने राजनीतिक स्वार्थों के लिए आग लगाने का काम कर रहे हैं।
बैठक में अस्पताल में दवाओं के पर्याप्त इंतजाम रखने का भी फैसला किया गया है, ताकि घायलों के इलाज में किसी प्रकार की दिक्कत न आने पाए। यदि किसी घायल को राज्य के बाहर भी इलाज की जरूरत होती है तो राज्य सरकार की ओर से उसे सुविधा मुहैया कराई जाएगी।
इसके साथ ही कैबिनेट ने विभिन्न एयरलाइंस से फंसे हुए यात्रियों के लिए अतिरिक्त उड़ान का प्रबंध करने को कहा है। कैबिनेट में अमरनाथ यात्रा को बहाल करने के लिए प्रयास किए जाने को भी कहा गया, ताकि यात्रा सुचारु रूप से चल सके।