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सीमांत क्षेत्र के ग्रामीणों ने तारवंधी जीरो लाईन पर ले जाने की मांग की
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आरएस पुरा। एसडीएम कार्यालय के सभागार में एसडीएम रामलाल शर्मा की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें सीमा सुरक्षा बल की 44 वाहिनी के कमांडेंट सहित डीडीसी सदस्य व कई सरपंचों सहित ग्रामीण भी मौजूद थे।
बैठक में सुचेतगढ़ डीडीसी सदस्य तरणजीत सिंह टोनी ने कहा कि सीमा सुरक्षा बल की ओर से जीरो लाइन की पीछे की गई तारबंदी को अब 135 फूट किया जा रहा, जिसके चलते किसानों की कृषि योग्य भूमि तारबंधी में आने पर नुकसान उठाना पडे़गा। उन्होंने कहा कि जीरो लाइन के पास ही नई तारबंधी की जाए ताकि किसानों को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि कस्टोडियम विभाग को खत्म किया जाए ताकि किसानों को जमीन का मालिकाना हकमिल सके। उन्होंने गृहमंत्री अमित शाह से मांग करते हुए कहा कि 1947-65-71 के रिफ्यूजियों की हो रही अनदेखी दूर करने के लिए एनमी एक्ट लागू किया जाए, ताकि आजादी के बाद पाकिस्तान के लोगों के नाम राजस्व विभाग में जमीन होने रिफ्यूजियों का जमीन का हक मिल सके।
आरएस पुरा डीडीसी सदस्य प्रो. गारू राम, ब्लाक आरएस पुरा अध्यक्ष तरसेम लाल शर्मा ने कहा कि बांध के आगे कृषि योग्य भूमि पर किसानों को खेतीबाड़ी करने के लिए अधिक समय दिया जाए। उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा बलों की ओर से किसानों को कम समय दिया जाता है, जिससे किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
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सीमा सुरक्षा बल 44 वी वाहिनी के कमांडेंट परमजीत ठकेयाल ने कहा कि किसानों को खेतीबाड़ी के लिए दिक्कत न हो। इसके लिए जीरो लाइन तक सीमा सुरक्षा बल की ओर से बुलेटप्रूफ ट्रैक्टर की सुविधा मुहैया कराई जाती है। ताकि किसान जीरो लाइन तक खेतीबाड़ी कर सकें। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्र में रहने वाले किसानों को अगर पाक क्षेत्र से कोई ड्रोन के आने पर जानकारी मिले तो वह सीमापर तैनात जवानों व पुलिस को जानकारी दें। सीमा सुरक्षा बल का हमेशा यही प्रयास रहता है कि देश के किसान बेखौफ होकर खेतीबाड़ी कर सके।
इस दौरान तहसीलदार गनदीप कुमार, सुचेतगढ़ तहसीलदार निर्भया शर्मा, सरपंच विजय चौधरी, सरपंच गुरदयाल सिंह, सरपंच देवराज सहित कई ग्रामीण भी बैठक में मौजूद थे।
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बैठक में सुचेतगढ़ डीडीसी सदस्य तरणजीत सिंह टोनी ने कहा कि सीमा सुरक्षा बल की ओर से जीरो लाइन की पीछे की गई तारबंदी को अब 135 फूट किया जा रहा, जिसके चलते किसानों की कृषि योग्य भूमि तारबंधी में आने पर नुकसान उठाना पडे़गा। उन्होंने कहा कि जीरो लाइन के पास ही नई तारबंधी की जाए ताकि किसानों को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि कस्टोडियम विभाग को खत्म किया जाए ताकि किसानों को जमीन का मालिकाना हकमिल सके। उन्होंने गृहमंत्री अमित शाह से मांग करते हुए कहा कि 1947-65-71 के रिफ्यूजियों की हो रही अनदेखी दूर करने के लिए एनमी एक्ट लागू किया जाए, ताकि आजादी के बाद पाकिस्तान के लोगों के नाम राजस्व विभाग में जमीन होने रिफ्यूजियों का जमीन का हक मिल सके।
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आरएस पुरा डीडीसी सदस्य प्रो. गारू राम, ब्लाक आरएस पुरा अध्यक्ष तरसेम लाल शर्मा ने कहा कि बांध के आगे कृषि योग्य भूमि पर किसानों को खेतीबाड़ी करने के लिए अधिक समय दिया जाए। उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा बलों की ओर से किसानों को कम समय दिया जाता है, जिससे किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
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सीमा सुरक्षा बल 44 वी वाहिनी के कमांडेंट परमजीत ठकेयाल ने कहा कि किसानों को खेतीबाड़ी के लिए दिक्कत न हो। इसके लिए जीरो लाइन तक सीमा सुरक्षा बल की ओर से बुलेटप्रूफ ट्रैक्टर की सुविधा मुहैया कराई जाती है। ताकि किसान जीरो लाइन तक खेतीबाड़ी कर सकें। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्र में रहने वाले किसानों को अगर पाक क्षेत्र से कोई ड्रोन के आने पर जानकारी मिले तो वह सीमापर तैनात जवानों व पुलिस को जानकारी दें। सीमा सुरक्षा बल का हमेशा यही प्रयास रहता है कि देश के किसान बेखौफ होकर खेतीबाड़ी कर सके।
इस दौरान तहसीलदार गनदीप कुमार, सुचेतगढ़ तहसीलदार निर्भया शर्मा, सरपंच विजय चौधरी, सरपंच गुरदयाल सिंह, सरपंच देवराज सहित कई ग्रामीण भी बैठक में मौजूद थे।