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वैष्णो देवी: आधुनिक तकनीकी से रोका जाएगा भूस्खलन
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Fri, 29 Jul 2016 09:39 PM IST
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वैष्णो देवी
- फोटो : File Photo
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माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के चेयरमैन राज्यपाल एनएन वोहरा ने यात्रा रूट के इको सिस्टम को संरक्षित रखते हुए मास्टर प्लान तैयार करने पर जोर दिया है।
दिल्ली स्थित इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित बोर्ड की 58वीं बैठक में राज्यपाल ने कहा कि अगले चालीस से पचास साल को ध्यान में रखकर मास्टर प्लान बनाना होगा।
बाणगंगा से भवन तक सुविधाएं बढ़ाने के लिए समुचित विकास करवाने की जरूरत है। लेकिन विकास के साथ किसी भी तरह के प्रदूषण को नियंत्रित कर पर्यावरण संरक्षण भी सुनिश्चित करना होगा। पूरे यात्रा रूट पर कचरा उठाने और उसके निस्तारण में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करना होगा।
श्रद्धालुओं की जरूरतों के अनुरूप स्नानघर और शौचालयों का पर्याप्त संख्या में निर्माण समय की मांग है। बोर्ड बैठक के दौरान स्कूल आफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर के विशेषज्ञों के साथ विस्तार से चर्चा की गई। इसमें मुख्य रूप से श्राइन बोर्ड के अधीन क्षेत्र के लिए मास्टर प्लान तैयार करने पर जोर दिया गया।
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दिल्ली स्थित इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित बोर्ड की 58वीं बैठक में राज्यपाल ने कहा कि अगले चालीस से पचास साल को ध्यान में रखकर मास्टर प्लान बनाना होगा।
बाणगंगा से भवन तक सुविधाएं बढ़ाने के लिए समुचित विकास करवाने की जरूरत है। लेकिन विकास के साथ किसी भी तरह के प्रदूषण को नियंत्रित कर पर्यावरण संरक्षण भी सुनिश्चित करना होगा। पूरे यात्रा रूट पर कचरा उठाने और उसके निस्तारण में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करना होगा।
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श्रद्धालुओं की जरूरतों के अनुरूप स्नानघर और शौचालयों का पर्याप्त संख्या में निर्माण समय की मांग है। बोर्ड बैठक के दौरान स्कूल आफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर के विशेषज्ञों के साथ विस्तार से चर्चा की गई। इसमें मुख्य रूप से श्राइन बोर्ड के अधीन क्षेत्र के लिए मास्टर प्लान तैयार करने पर जोर दिया गया।
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बोर्ड कर्मियों को तोहफा
माता वैष्णो देवी के भक्तों को मिलेगा फायदा
- फोटो : फाइल
77 करोड़ की लागत से क्रियान्वित किए जा रहे स्लोप स्टेबिलाइजेशन प्रोजेक्ट की समीक्षा करते हुए जानकारी दी गई कि त्रिकुटा पहाड़ियों में 33 साइटों को चिह्नित किया गया है। इन साइटों पर भूस्खलन रोकने के लिए संवेदनशील स्थानों पर पत्थरों के टूटने गिरने की प्रक्रिया को रोका जाएगा। प्रोजेक्ट को टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कारपोरेशन आफ इंडिया लिमिटेड की तकनीकी मदद से अंजाम दिया जा रहा है।
बोर्ड ने अपने कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की आयु सीमा 58 से बढ़ाकर 60 वर्ष करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इसी तरह से महिला कर्मियों के लिए प्रसूति अवकाश को 90 दिनों से बढ़ाकर 180 दिन कर दिया गया है।
बोर्ड ने अपने कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की आयु सीमा 58 से बढ़ाकर 60 वर्ष करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इसी तरह से महिला कर्मियों के लिए प्रसूति अवकाश को 90 दिनों से बढ़ाकर 180 दिन कर दिया गया है।