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J&K: ढाई साल का होगा मेयर, डिप्टी मेयर का कार्यकाल, पहले हर साल होता था चुनाव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Updated Wed, 31 Oct 2018 11:18 PM IST
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म्यूनिसिपल कारपोरेशन जम्मू
- फोटो : फाइल
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नगर निगम जम्मू और श्रीनगर में मेयर तथा डिप्टी मेयर का कार्यकाल ढाई साल का होगा। इससे पहले कार्यकाल एक साल का था। मेयर और डिप्टी मेयर का चयन काउंसिलर मतदान से करेंगे। म्यूनिसिपल कारपोरेशन एक्ट-2000 में अप्रैल 2010 में हुए संशोधन को नई व्यवस्था में अमल में लाया जाएगा।
जम्मू-कश्मीर म्यूनिसिपल कारपोरेशन एक्ट- 2000 के सेक्शन 36 में संशोधन किया गया था। इसके पहले हर साल काउंसिलरों द्वारा एक काउंसिलर को मेयर और डिप्टी मेयर पद के लिए मतदान से चुना जाता था। संशोधित एक्ट में काउंसिलरों द्वारा दोनों पदों के लिए एक-एक काउंसिलर को दो साल छह माह के लिए चुनने का प्रावधान रखा गया है। पूर्व के नगर निगम काउंसिलरों का कार्यकाल 2005 से 2010 में समाप्त हो गया था। इसके चलते संशोधित एक्ट को अमल में नहीं लाया जा सका।
पूरे कार्यकाल में दो बार बनेंगे मेयर व डिप्टी मेयर
निगम सूत्रों के अनुसार, नई व्यवस्था में मेयर और डिप्टी मेयर को ढाई साल का कार्यकाल दिया जाएगा, यानी पूरे कार्यकाल में दो ही बार मेयर और डिप्टी मेयर बनेंगे। चूंकि नगर निगम जम्मू में भाजपा को पूर्ण बहुमत है, ऐसे में अगर पार्टी एक साल बाद अपना मेयर बदलना चाहेगी तो इस पद पर पहले से मौजूद मेयर को इस्तीफा देना होगा। यही व्यवस्था नगर निगम श्रीनगर में लागू की जाएगी। भाजपा में मेयर और डिप्टी मेयर पद के लिए जोड़तोड़ जारी है। इसमें कई नामों पर अंतिम राय बनाई जा रही है।
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जम्मू-कश्मीर म्यूनिसिपल कारपोरेशन एक्ट- 2000 के सेक्शन 36 में संशोधन किया गया था। इसके पहले हर साल काउंसिलरों द्वारा एक काउंसिलर को मेयर और डिप्टी मेयर पद के लिए मतदान से चुना जाता था। संशोधित एक्ट में काउंसिलरों द्वारा दोनों पदों के लिए एक-एक काउंसिलर को दो साल छह माह के लिए चुनने का प्रावधान रखा गया है। पूर्व के नगर निगम काउंसिलरों का कार्यकाल 2005 से 2010 में समाप्त हो गया था। इसके चलते संशोधित एक्ट को अमल में नहीं लाया जा सका।
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पूरे कार्यकाल में दो बार बनेंगे मेयर व डिप्टी मेयर
निगम सूत्रों के अनुसार, नई व्यवस्था में मेयर और डिप्टी मेयर को ढाई साल का कार्यकाल दिया जाएगा, यानी पूरे कार्यकाल में दो ही बार मेयर और डिप्टी मेयर बनेंगे। चूंकि नगर निगम जम्मू में भाजपा को पूर्ण बहुमत है, ऐसे में अगर पार्टी एक साल बाद अपना मेयर बदलना चाहेगी तो इस पद पर पहले से मौजूद मेयर को इस्तीफा देना होगा। यही व्यवस्था नगर निगम श्रीनगर में लागू की जाएगी। भाजपा में मेयर और डिप्टी मेयर पद के लिए जोड़तोड़ जारी है। इसमें कई नामों पर अंतिम राय बनाई जा रही है।
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एक माह में पांच बैठकें कर सकेंगे काउंसिलर
नगर निगम के काउंसिलर असेंबली हाल में आधिकारिक तौर पर एक माह में अधिकतर पांच बैठकें कर सकेंगे। जबकि एक माह में कम से कम एक सेशन लगाना अनिवार्य होगा। प्रत्येक बैठक के लिए काउंसिलर को 400 रुपये भत्ता दिया जाएगा।
कवींद्र गुप्ता तीन बार बने मेयर
नगर निगम में वर्ष 2005-2010 के दौरान पूर्व उप मुख्यमंत्री कवींद्र गुप्ता वर्ष 2005-06, 2007-08 और 2009-10 के कार्यकाल में मेयर रहे। इसके अलावा वर्ष 2006-07 में चौधरी मनमोहन सिंह और वर्ष 2007-08 में नरेंद्र सिंह मेयर रहे थे। इसी तरह डिप्टी मेयर के कार्यकाल में एनसी के धर्मवीर जमवाल चार और रानी बलोरिया एक बार डिप्टी मेयर रही थीं।
कवींद्र गुप्ता तीन बार बने मेयर
नगर निगम में वर्ष 2005-2010 के दौरान पूर्व उप मुख्यमंत्री कवींद्र गुप्ता वर्ष 2005-06, 2007-08 और 2009-10 के कार्यकाल में मेयर रहे। इसके अलावा वर्ष 2006-07 में चौधरी मनमोहन सिंह और वर्ष 2007-08 में नरेंद्र सिंह मेयर रहे थे। इसी तरह डिप्टी मेयर के कार्यकाल में एनसी के धर्मवीर जमवाल चार और रानी बलोरिया एक बार डिप्टी मेयर रही थीं।