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रहस्मय परिस्थितियों विवाहिता की मौत
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मीरां साहिव कस्वे में काजल के परिजन व अन्या द्वारा सड़क मार्ग वंद करने पर थाना प्रभारी वात करते ह?
- फोटो : RSPURA
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मीरां साहिब। मीरां साहिब क्षेत्र के गांव दरसोपुर में विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस मामले को लेकर शनिवार को महिला के मायके वालों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस से उचित कार्रवाई की मांग की। मृतका की पहचान काजल कुमारी (24) पत्नी विशाल कुमार के रूप में हुई।
प्रदर्शन कर रहे मायके वालों का कहना था कि उनकी बेटी के ससुराल वाले अक्सर दहेज को लेकर उसे तंग करते थे। शुक्रवार रात्रि को उन्होंने उनकी बेटी की हत्या कर दी। काजल के पिता तिलक राज ने बताया कि शुक्रवार रात 11 बजे गांव दरसोपुर से किसी ने बेटी काजल के पीटे जाने के बारे में बताया। जब वह काजल के घर पहुंचे तो वहां मौजूद काजल के सुसर व सास ने कहा कि काजल ने फंदा लगा लिया है। उसके पति विशाल का जीजा राजेंद्र कुमार, ननद जम्मू अस्पताल में उसे लेकर गए हैं। इन लोगों ने पहले मीरां साहिब पुलिस से जानकारी प्राप्त की। इस बारे में पुलिस का कहना था कि वह खुद अपनी कार से अस्पताल लेकर गए हैं।
गांधी नगर अस्पताल पहुंचने पर काजल का निरीक्षण कर डॉक्टरों ने काजल को मृत लाया कहने पर शव को जम्मू मेडिकल कॉलेज की मोर्चरी में रखे जाने के लिए कहा गया। तिलक राज का कहना है कि उसके दामाद, नंदोई व ननद द्वारा साजिश के अंतर्गत उनकी बेटी को मारा गया है। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
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मीरां साहिब पुलिस ने मायके पक्ष के लोगों द्वारा विरोध-प्रदर्शन करने पर विशाल कुमार को हिरासत में लिया गया। बाद में नंदोई राजेंद्र कुमार को भी हिरासत में लिया गया। तिलक राज का कहना है कि अगर में कोई झगड़ा हुआ था, तो इसकी उन्हें जानकारी देनी चाहिए थी। उन्होंने ऐसा नहीं किया, जिससे लगता है कि उसकी बेेटी की हत्या की गई है।
रूपलाल व सुल्तान पंचायत की नायब सरपंच संगीता देवी सहित पंचायत के अन्य पंचों ने आरोप लगाते हुए कहा कि मीरां साहिब पुलिस द्वारा इस मामले की सही प्रकार से कार्रवाई नहीं की जा रही है। मौके पर मौजूद अन्य ग्रामीणों ने थाने के सामने सड़क मार्ग बंद कर विरोध-प्रदर्शन करना आरंभ कर दिया। बाद में एसडीपीओ शब्बीर अहमद खान ने प्रदर्शन कर रहे लोगों से बातचीत कर सड़क मार्ग खुलवाया। मीरां साहिब पुलिस ने महिला के पति सहित चार अन्य लोगों को हिरासत में लिया। एसपी हेड क्वार्टर राम मनीष गुप्ता ने कहा कि शव का पोस्टमार्टम कराने के साथ धारा 174 के अंतर्गत मामला दर्ज कर लड़की के मायके वालों को विश्वास दिलाया कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
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कई सामाजिक संगठन सहित लोगों ने की घटना की निंदा
मीरां साहिब। समाजसेवी दर्शन लाल वनमोत्रा ने कहा कि एक ओर सरकार बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा दे रही है, दूसरी ओर रात के समय मीरां साहिब थाने में मायके पक्ष के लोगों के पहुंचने पर गेट नहीं खोला जाता। परिजनों द्वारा एसपी हेडक्वार्टर को जानकारी देने पर पुलिस कार्रवाई शुरू की जाती है। उन्होंने कहा कि काजल की मां उनके गांव की है। काजल स्नातक है। उसका पति सीआईएसएफ में कांस्टेबल है। इन दिनों वह छुट्टी पर आया था। जम्मू-कश्मीर पीपुल सेक्युलर फोरम के प्रधान कुंदन लाल शर्मा का कहना है कि इस घटना की जितनी भी निंदा की जाए कम है। सरकार को कडे़ कानून बनाने चाहिए, ताकि किसी की बेेटी को इस तरह जान न गवानी पड़े। मीरां साहिब बाजार कमेटी के पूर्व प्रधान जनक राज चौधरी ने कहा कि सुसराल के लोगों को काजल द्वारा फंदा लगाए जाने पर मायके के लोगों को जानकारी देनी चाहिए थी। उन्होंने ऐसा नहीं किया, और मीरां साहिब पुलिस को बिना सूचित किए शव को नीचे उतार जम्मू के गांधी नगर अस्पताल ले जाया गया। संवाद
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प्रदर्शन कर रहे मायके वालों का कहना था कि उनकी बेटी के ससुराल वाले अक्सर दहेज को लेकर उसे तंग करते थे। शुक्रवार रात्रि को उन्होंने उनकी बेटी की हत्या कर दी। काजल के पिता तिलक राज ने बताया कि शुक्रवार रात 11 बजे गांव दरसोपुर से किसी ने बेटी काजल के पीटे जाने के बारे में बताया। जब वह काजल के घर पहुंचे तो वहां मौजूद काजल के सुसर व सास ने कहा कि काजल ने फंदा लगा लिया है। उसके पति विशाल का जीजा राजेंद्र कुमार, ननद जम्मू अस्पताल में उसे लेकर गए हैं। इन लोगों ने पहले मीरां साहिब पुलिस से जानकारी प्राप्त की। इस बारे में पुलिस का कहना था कि वह खुद अपनी कार से अस्पताल लेकर गए हैं।
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गांधी नगर अस्पताल पहुंचने पर काजल का निरीक्षण कर डॉक्टरों ने काजल को मृत लाया कहने पर शव को जम्मू मेडिकल कॉलेज की मोर्चरी में रखे जाने के लिए कहा गया। तिलक राज का कहना है कि उसके दामाद, नंदोई व ननद द्वारा साजिश के अंतर्गत उनकी बेटी को मारा गया है। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
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मीरां साहिब पुलिस ने मायके पक्ष के लोगों द्वारा विरोध-प्रदर्शन करने पर विशाल कुमार को हिरासत में लिया गया। बाद में नंदोई राजेंद्र कुमार को भी हिरासत में लिया गया। तिलक राज का कहना है कि अगर में कोई झगड़ा हुआ था, तो इसकी उन्हें जानकारी देनी चाहिए थी। उन्होंने ऐसा नहीं किया, जिससे लगता है कि उसकी बेेटी की हत्या की गई है।
रूपलाल व सुल्तान पंचायत की नायब सरपंच संगीता देवी सहित पंचायत के अन्य पंचों ने आरोप लगाते हुए कहा कि मीरां साहिब पुलिस द्वारा इस मामले की सही प्रकार से कार्रवाई नहीं की जा रही है। मौके पर मौजूद अन्य ग्रामीणों ने थाने के सामने सड़क मार्ग बंद कर विरोध-प्रदर्शन करना आरंभ कर दिया। बाद में एसडीपीओ शब्बीर अहमद खान ने प्रदर्शन कर रहे लोगों से बातचीत कर सड़क मार्ग खुलवाया। मीरां साहिब पुलिस ने महिला के पति सहित चार अन्य लोगों को हिरासत में लिया। एसपी हेड क्वार्टर राम मनीष गुप्ता ने कहा कि शव का पोस्टमार्टम कराने के साथ धारा 174 के अंतर्गत मामला दर्ज कर लड़की के मायके वालों को विश्वास दिलाया कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
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कई सामाजिक संगठन सहित लोगों ने की घटना की निंदा
मीरां साहिब। समाजसेवी दर्शन लाल वनमोत्रा ने कहा कि एक ओर सरकार बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा दे रही है, दूसरी ओर रात के समय मीरां साहिब थाने में मायके पक्ष के लोगों के पहुंचने पर गेट नहीं खोला जाता। परिजनों द्वारा एसपी हेडक्वार्टर को जानकारी देने पर पुलिस कार्रवाई शुरू की जाती है। उन्होंने कहा कि काजल की मां उनके गांव की है। काजल स्नातक है। उसका पति सीआईएसएफ में कांस्टेबल है। इन दिनों वह छुट्टी पर आया था। जम्मू-कश्मीर पीपुल सेक्युलर फोरम के प्रधान कुंदन लाल शर्मा का कहना है कि इस घटना की जितनी भी निंदा की जाए कम है। सरकार को कडे़ कानून बनाने चाहिए, ताकि किसी की बेेटी को इस तरह जान न गवानी पड़े। मीरां साहिब बाजार कमेटी के पूर्व प्रधान जनक राज चौधरी ने कहा कि सुसराल के लोगों को काजल द्वारा फंदा लगाए जाने पर मायके के लोगों को जानकारी देनी चाहिए थी। उन्होंने ऐसा नहीं किया, और मीरां साहिब पुलिस को बिना सूचित किए शव को नीचे उतार जम्मू के गांधी नगर अस्पताल ले जाया गया। संवाद