जम्मू-कश्मीर में एम्स के लिए भूमि अधिग्रहण का मसला लटका
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जम्मू कश्मीर के सांबा जिले के विजयपुर में प्रस्तावित जम्मू संभाग के एम्स के लिए भूमि अधिग्रहण का मामला फिलहाल लटका पड़ा है। बताते हैं कि जिस जगह एम्स प्रस्तावित है, वहां कुछ निजी भूमि है जिसको लेकर अधिग्रहण का काम रुका हुआ है।
रियासत के स्वास्थ्य मंत्री बाली भगत का कहना है कि भूमि अधिग्रहण की दिशा में प्रयास चल रहा है। उम्मीद है कि जल्द ही यह मसला हल हो जाएगा। इसके लिए संबंधित जिला प्रशासन से नियमित तौर पर प्रगति की जानकारी ली जा रही है।
रियासत में दो एम्स की स्थापना को केंद्र सरकार ने मंजूरी दी है। प्रत्येक पर 2000 करोड़ रुपये खर्च होंगे। कश्मीर में अवंतीपोरा और जम्मू में विजयपुर के पास जमीन चिह्नित है। अवंतीपोरा की जमीन को स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग को स्थानांतरित करने के लिए राज्य कैबिनेट की पिछले दिनों हुई बैठक में मंजूरी दी गई है।
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समिति का गठन
24 करोड़ रुपये पुलवामा के भूमि अधिग्रहण कलेक्टर के नाम जारी किया गया है, ताकि निजी भूमि और सड़क के चौड़ीकरण के लिए जमीन अधिग्रहीत की जा सके। सांबा में भी भूमि अधिग्रहण के लिए आठ करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। राज्य सरकार ने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है जो एम्स की स्थापना से जुड़े हर मसले का समाधान करेगी।
विजयपुर में जिस जगह एम्स प्रस्तावित है, वहां कुछ रिफ्यूजियों की जमीन भी है। उन्हें शिफ्ट करने को लेकर भी कवायद चल रही है। सूत्रों का कहना है कि भूमि अधिग्रहण के लिए कई दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन फिलहाल यह अंतिम रूप नहीं ले पाया है।
विधानसभा में नेकां विधायक देवेंद्र सिंह राणा ने एम्स का मसला उठाते हुए कहा था कि जिस जगह एम्स बनना है, सीपीडब्ल्यूडी ने उस जमीन को खारिज कर दिया है। हालांकि, स्वास्थ्य मंत्री का कहना है कि ऐसी कोई बात नहीं है। सीपीडब्ल्यूडी की टीम ने ही जमीन को अंतिम रूप दिया है।
नए मेडिकल कालेज के लिए भूमि अधिग्रहण को मंजूरी
सरकार का पूरा ध्यान जम्मू और कश्मीर में एम्स की स्थापना को लेकर है। प्रधानमंत्री पैकेज के तहत स्वीकृत धनराशि से इसका काम पूरा किया जाएगा, ताकि यहां के लोगों को चंडीगढ़ या दिल्ली न जाना पड़े। सरकार ने रियासत में स्वास्थ्य सुविधा के लिए काफी प्रयास किया है।
डोडा में नए मेडिकल कालेज के लिए भूमि अधिग्रहण को मंजूरी मिल गई है और इससे संबंधित फाइल केंद्र को भेज दी गई है। कठुआ में भी नए मेडिकल कालेज का मामला काफी दिनों से लटका पड़ा था। इसे अंतिम रूप दे दिया गया है। इससे जुड़ी फाइल जल्द ही केंद्र को भेज दी जाएगी।