फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Matador driver after incidents are not carefully

हादसों के बाद भी नहीं चेत रहे मेटाडोर चालक

Thu, 11 Dec 2014 09:40 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू Updated Thu, 11 Dec 2014 09:40 PM IST
विज्ञापन
Matador driver after incidents are not carefully

बड़े हादसों के बाद भी मेटाडोर चालक नहीं चेत रहे। शहर में दौड़ने वाली अधिकतर मेटाडोरों में तेज आवाज में गाने बजते हैं। इससे चालक का ध्यान तो बंटता ही है, साथ ही सवारियों को भी परेशानी होती है।

विज्ञापन


इस मामले में ट्रैफिक पुलिस की सख्ती का भी असर नहीं दिखाई देता है। आए दिन हादसों की खबरें सुर्खियां बनती हैं। जांच में या घायलों के बयान से पता चलता है कि मेटाडोर सवारियों से ओवर लोड होती है। वहीं चालक का पूरा ध्यान वाहन पर नहीं होता है। चालकों की ओर से मोबाइल फोन पर बात करना भी आम बात है।
विज्ञापन


बुधवार को रियासी के बलोनी नाले में 300 फीट गहरी खाई में गिरी मेटाडोर मामले में भी वाहन चालक की लापरवाही की बात सामने आ रही है। इस हादसे के घायलों ने बताया कि चालक मस्ती के साथ मेटाडोर चला रहा था। उसने वाहन में गाने तेज आवाज में चला रखे थे। बड़ी लापरवाही यह बताई कि चालक वाहन चलाते समय फोन का प्रयोग कर रहा था।
विज्ञापन
विज्ञापन


जम्मू शहर में दो हजार से अधिक मेटाडोर चलती है। मेटाडोर चालक यूनियन के पदाधिकारी और आरटीओ जम्मू समय-समय पर चालकों के लिए कैंप लगाते हैं। इसमें यातायात नियमों के बारे में उन्हें जानकारी दी जाती है कि चालक नशे की हालत में गाड़ी न चलाएं।

यातायात नियमों का पालन करे, मेटाडोर स्टॉपेज पर ही वाहन का ब्रेक लगाएं, लेकिन यह सब बातें पदाधिकारियों और आरटीओ के भाषण तक ही सीमित होकर रह जाती हैं। मेटाडोर में सवार होते ही यह सब बातें हवाई साबित होती हैं।   


सवारी उठाने को लगा देते हैं रेस

मेटाडोर चालकों द्वारा सवारी उठाने की होड़ में रेस लगाते भी आम तौर पर देखा जाता है। इस दौरान वह मेटाडोर में बैठी सवारियों की परवाह तक नहीं करते। लोग तेज रेस लगाने से मना करते हैं, लेकिन मेटाडोर चालकों पर इसका कोई असर नहीं पड़ता है। जानीपुर, अखनूर रोड, बख्शीनगर, बीसी रोड, कनाल रोड, गांधीनगर, त्रिकुटानगर, सतवारी, चट्ठा आदि सभी रूटों पर दौड़ने वाले मेटाडोर चालकों का यही हाल है, जिसका परिणाम हादसों के रूप में सामने आता है।  

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed