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आतंक और अलगाववाद को जनता का करारा जवाब, नए जम्मू-कश्मीर के पहले चुनाव में भारी मतदान
Sun, 29 Nov 2020 01:39 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू/श्रीनगर
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू/श्रीनगर
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 29 Nov 2020 01:39 AM IST
सार
- जिला विकास परिषद चुनाव के पहले चरण में 51.67 फीसदी मतदान, सभी 43 सीटों पर शांतिपूर्वक डाले गए वोट
- कड़ाके की ठंड के बावजूद मतदान के लिए लोगों में जबरदस्त उत्साह, मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें
- पाकिस्तान की साजिश नाकाम, अलगाववादियों की चुनाव बहिष्कार की अपील भी घाटी में लोगों ने की दरकिनार
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मतदान के लिए कतार...
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
अनुच्छेद 370 हटने के बाद नए जम्मू-कश्मीर के पहले चुनाव में अवाम ने आतंकवाद और अलगाववाद को करारा जवाब दिया है। कड़ी सुरक्षा और ठंड के बीच जिला विकास परिषद (डीडीसी) चुनाव के पहले चरण में 43 सीटों पर 51.67 फीसदी मतदान हुआ। कश्मीर में 40.65 और जम्मू संभाग में 64 फीसदी मतदाताओं ने वोट डाले। रियासी जिले में सर्वाधिक 74.62, जबकि पुलवामा में सबसे कम 6.70 फीसदी मतदान रिकॉर्ड किया गया।
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सुबह सात से दोपहर दो बजे तक चले मतदान में लोगों का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। कश्मीर में कुलगाम जिले के एक मतदान केंद्र में पथराव को छोड़ जम्हूरियत के इस पर्व में कहीं कोई खलल नहीं रहा। पाकिस्तान की साजिश और अलगाववादियों की चुनाव बहिष्कार की अपील को दरकिनार कर लोगों ने शांतिपूर्ण माहौल में मतदान किया। आतंकवाद प्रभावित क्षेत्रों में भी लोग बेखौफ होकर मतदान के लिए घरों से निकले।
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ठंड के बावजूद गांव की सरकार को चुनने के लिए लोग सुबह ही मतदान केंद्रों में पहुंचना शुरू हो गए। बूथों पर महिलाओं की भी लंबी कतारें देखी गईं। शनिवार को पहले चरण में जम्मू संभाग में डीडीसी की 18 और कश्मीर में 25 सीटों के अलावा पंचों-सरपंचों के रिक्त पदों पर चुनाव हुआ। कोरोना महामारी के बीच पहले चरण में सात लाख तीन हजार मतदाताओं में से 362766 ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
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प्रदेश में 193375 पुरुषों और 169391 महिला मतदाताओं ने वोट डालकर लोकतंत्र को मजबूत करने में अपनी भूमिका निभाई। प्रत्येक मतदान केंद्र में सैनिटाइजर्स, फेस मास्क और नान कांटैक्ट थर्मामीटर की व्यवस्था की गई थी। राज्य चुनाव आयुक्त केके शर्मा ने कहा कि कोरोना काल और प्रदेश के कई जिलों में बर्फबारी व कड़ाके की ठंड के बावजूद मतदाताओं का बड़ी संख्या में निकलना एक अच्छा संकेत है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अन्य सात चरणों में लोकतंत्र के इस पर्व में और ज्यादा लोग हिस्सा लेंगे।
पहली बार पश्चिमी पाकिस्तानी रिफ्यूजियों ने डाले वोट
अनुच्छेद 370 के हटने के बाद पहली बार जम्मू-कश्मीर में हो रहे चुनाव में सात दशक में पहली बार पश्चिमी पाकिस्तानी रिफ्यूजियों ने भी अपने मताधिकार का प्रयोग किया। अभी तक उन्हें केवल लोकसभा चुनाव में भी वोट डालने का अधिकार था। 370 के हटने के बाद वह प्रदेश के हर चुनाव में वोट डाल पाएंगे।
रियासी में सबसे अधिक और पुलवामा में सबसे कम मतदान
जिला मतदान
रियासी 74.62
राजोरी 70.52
पुंछ 68.69
सांबा 68.61
डोडा 64.49
रामबन 64.21
कठुआ 62.82
जम्मू 61.49
उधमपुर 57.13
बडगाम 56.96
किश्तवाड़ 55.16
कुपवाड़ा 50.74
गांदरबल 48.62
बांदीपोरा 43.57
अनंतनाग 43.32
शोपियां 42.58
कुलगाम 34.35
श्रीनगर 33.76
बारामुला 32.51
पुलवामा 06.70
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कुल 51.76