फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   masarat alam's detailed report sent to center

केंद्र को भेजी गई मसर्रत आलम की कुंडली

Sun, 15 Mar 2015 10:15 AM IST
Updated Sun, 15 Mar 2015 10:15 AM IST
विज्ञापन
masarat alam's detailed report sent to center
हुर्रियत लीडर अलगाववादी मसर्रत आलम की रिहाई पर राज्य सरकार की दो रिपोर्ट से असंतुष्ट केंद्र सरकार की ओर से मांगी गई जानकारी पर राज्य सरकार ने तीसरी रिपोर्ट भी भेज दी है। इसमें मसर्रत पर लंबित सभी मामलों का ब्योरा है। साथ ही मामले किस स्थिति में हैं, इसका जिक्र है।
विज्ञापन


रिपोर्ट में 2010 की घटना से लेकर सभी मामलों का सिलसिलेवार जिक्र है। गृह विभाग से जुड़े सूत्रों का कहना है कि मसर्रत के खिलाफ लंबित मामलों का ब्योरा जुटा लिया गया है। ताजा रिपोर्ट में अलग-अलग मामलों की बिंदुवार रिपोर्ट दी गई है। इसमें 2010 की घटना का भी जिक्र है, जिसमें लगभग सौ लोग मारे गए थे।

विज्ञापन


इसके साथ ही पत्थरबाजी और अन्य घटनाओं का भी जिक्र है। मसर्रत पर कुल 27 मामले लंबित बताए जाते हैं। सूत्रों का कहना है कि मसर्रत की रिहाई के बाद घाटी के ताजा हालात का भी जिक्र है। केंद्र को यह बताने की भी कोशिश की गई है कि राज्य सरकार इस मामले को लेकर पूरी तरह गंभीर है।

विज्ञापन
विज्ञापन

मसर्रत जैसे बाकी कैदी भी रिहा हों: कांग्रेस

masarat alam's detailed report sent to center

गृह विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि केंद्र को रिपोर्ट भेजकर ताजा हालात की जानकारी दे दी गई है। स्थिति पर पूरी तरह नजर रखी जा रही है। मसर्रत की पल-पल की गतिविधियों पर नजर है। कानून-व्यवस्था से जुड़ी समस्या किसी भी स्थिति में उत्पन्न नहीं होने दी जाएगी।

ज्ञात हो कि संसद तथा राज्यसभा में सरकार तथा भाजपा की किरकिरी के बाद केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने राज्य सरकार से रिपोर्ट तलब की थी। साथ ही मसर्रत पर निगरानी रखने को कहा था। अब कांग्रेस ने मसर्रत की तरह सभी बंदियों को रिहा करने की मांग की है।

कांग्रेस अध्यक्ष जीए मीर ने शनिवार को श्रीनगर में कहा कि मसर्रत आलम ही क्यों, बाकी सभी सियासी या अन्य कैदियों, जिनकी जेलों में अवधि पूरी हो गई हो, को रिहा किया जाए। हालांकि, राज्य सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि रियासत में एक भी राजनीतिक बंदी नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed