मसर्रत ने लगाए 'मेरी जान पाकिस्तान, पाकिस्तान' के नारे
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हाल ही में जेल से रिहा किए गए मसर्रत आलम की अगुवाई में हुर्रियत नेता गिलानी समर्थकों द्वारा बुधवार को श्रीनगर में पाकिस्तानी झंडा लहराने और भारत विरोधी व पाकिस्तान परस्त नारे लगाए जाने से भारी बवाल मच गया है। पुलिस ने सैयद अली शाह गिलानी, मसर्रत आलम, बशारत अहमद भट उर्फ पीर सैफुल्लाह के खिलाफ बडगाम थाने में मामला दर्ज कर लिया है।
बुधवार को कट्टरपंथी हुर्रियत नेता सैयद अली शाह गिलानी ने 2010 के बाद अपनी पहली रैली की। करीब तीन महीने बाद नई दिल्ली से श्रीनगर लौटे गिलानी का स्वागत करने पहुंचे उनके समर्थकों ने रैली निकालकर पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए। हुर्रियत के झंडों के अलावा रैली के दौरान दर्जनों हुर्रियत कार्यकर्ता पाकिस्तानी झंडे भी लहरा रहे थे।
रैली के दौरान हाल ही में जेल से रिहा हुए अलगाववादी एवं कश्मीर मुस्लिम लीग के चीफ मसर्रत आलम ने भारत विरोधी नारे लगाकर रैली में मौजूद कार्यकर्ताओं को भड़काने की कोशिश की। मसर्रत आलम को कट्टरपंथी हुर्रियत नेता सैयद अली शाह गिलानी का उत्तराधिकारी माना जाता है।
पुलिस खड़ी-खड़ी देखती रही
खास बात यह थी कि रैली में पाकिस्तानी झंडे लहराए जाने, भारत विरोधी और पाकिस्तान के समर्थन में नारे लगाए जाने के बावजूद पुलिस की ओर से किसी अलगाववादी नेता एवं हुर्रियत कार्यकर्ताओं के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई और न ही उन्हें रोकने के लिए सख्ती बरती।
कश्मीर जोन के आईजी एसजेएम गिलानी ने अमर उजाला को बताया कि बुधवार की घटना के बारे पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मसर्रत आलम की मौजूदगी पर उन्होंने कहा कि जांच जारी है, जिसका भी नाम इसमें आएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 2010 में गिलानी की रैली के बाद कश्मीर में हिंसक प्रदर्शनों का लंबा सिलसिला चला था। इसमें 100 से अधिक युवकों की जान गई थी।
हुर्रियत नेता गिलानी ने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि कश्मीर मसला भारत और पाकिस्तान के बीच सरहद का मामला नहीं है, बल्कि यह जम्मू-कश्मीर के एक करोड़ लोगों का मामला है। गिलानी ने कहा कि न ही हमें यथा स्थिति मंजूर है और न ही शिमला समझौता या लाहौर घोषणा ही स्वीकार है।
गिलानी ने कहा कि आत्म निर्णय के अधिकार के लिए उनकी जंग जारी रहेगी। गिलानी ने शुक्रवार को त्राल चलो का भी आह्वान किया। कश्मीरी पंडितों की घाटी वापसी के मुद्दे पर गिलानी ने कहा कि घाटी में उनका स्वागत है, पर अलग टाउन शिप मंजूर नहीं।
उल्लेखनीय है कि सात जनवरी को गिलानी इलाज कराने दिल्ली गए थे। उसके बाद वे बुधवार दोपहर दो बजे को ही श्रीनगर लौटे हैं। समर्थकों ने गिलानी के स्वागत में श्रीनगर के अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से लेकर हैदरपोरा स्थित उनके घर तक रैली निकाली।
गिलानी, मसर्रत की जगह जेल: भाजपा
भाजपा-पीडीपी हालात के लिए जिम्मेदार: कांग्रेस
कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रविंद्र शर्मा का कहना हैं कि सैयद अली शाह गिलानी के बारे में तो जगजाहिर है कि वह अलगाववाद को बढ़ावा देता है। मसर्रत आलम को पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार ने सियासी कैदी बताकर जेल से बाहर निकाला। अब वह भारत विरोधी रैलियों में हिस्सा ले रहा है। इसके लिए गठबंधन सरकार जिम्मेदार है। कांग्रेस ने मसर्रत आलम की रिहाई का विरोध किया था। कांग्रेस ने ही राज्य में गठबंधन सरकार में रहते हुए उस पर पीएसए लगवाया था, लेकिन बड़ी बड़ी बातें करने वाली भाजपा का असली चेहरा अब बेनकाब हो गया है।
जवाब दे भाजपा: पैंथर्स
जम्मू कश्मीर नेशनल पैंथर्स पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष बलवंत सिंह मनकोटिया का कहना है कि अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी और मसर्रत आलम की भारत विरोध रैली निंदनीय है। इसके लिए अब भाजपा को जवाब देना चाहिए। केंद्र और रियासत में भाजपा की सरकार है और देश विरोधी रैलियां हो रहीं हैं। रियासत और देश की जनता को अब भाजपा के कदम का बेसब्री से इंतजार है।