पुलवामा हमलाः शहीद तुफैल के बेटे ने पाकिस्तान को बताया सबसे घटिया देश
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पुलवामा में फिदायीन हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ के जवान तुफैल अहमद के चौदह वर्षीय बेटे रईस अहमद ने पिता की शहादत को सलाम करते हुए कहा कि वह बड़ा होकर भारतीय सेना में भर्ती होगा और अपने पिता की शहादत का बदला लेगा।
यह भी कहा कि पिता की आत्मा की शांति के लिए पाकिस्तानी आतंकियों को मौत के घाट उतारेगा। न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में उसने कहा कि पाक से घटिया कोई देश नहीं है।
इस अवसर पर शहीद के पिता हाजी मनीर हुसैन ने भारत सरकार से अपील करते हुए कहा कि सरकार को चाहिए कि वह पाकिस्तान से बातचीत करे और इस खून खराबे को हमेशा के लिए खत्म करे। इससे हमारा बहुत नुकसान होता है। बातचीत के माध्यम से इसका हल करना चाहिए।
शहीद जवान को दी श्रद्धांजलि
पुलवामा में फिदायीन हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ के जवान तुफैल अहमद को सोमवार को उनके पैतृक गांव दोदासन बाला में श्रद्धांजलि दी गई।
सुबह करीब 11 बजे शहीद जवान का शव गांव में पहुंचते ही माहौल गमगीन हो गया।
श्रद्धांजलि देने के लिए पहुंचे लोगों ने नम आंखों से शहीद जवान को अंतिम विदाई दी। इस अवसर पर सीआरपीएफ की डीआईजी नीतू कुमारी भी पहुंचीं और श्रद्धांजलि दी। उन्होंने तुफैल के बलिदान को सबसे बड़ा बलिदान बताते हुए कहा कि उन्हें गर्व है कि देश की रक्षा के लिए उन्होंने अपने प्राणों की आहुति दी है।
डीआईजी ने शहीद के परिवार को सांत्वना देते हुए कहा कि इस मुश्किल घड़ी में सीआरपीएफ उनके साथ है। इस दौरान बल के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।