{"_id":"da2dff76f19ac3b925c62c2d56890129","slug":"manohar-parrikar-reviews-security-situation-in-jammu-and-kashmir-hindi-news","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"भारी मतदान से आतंकियों में बौखलाहट: पार्रिकर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भारी मतदान से आतंकियों में बौखलाहट: पार्रिकर
Updated Fri, 12 Dec 2014 11:36 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रक्षा मंत्री मनोहर पार्रिकर ने कहा कि कश्मीर घाटी में हो रहे विधानसभा चुनाव में भारी मतदान को देख आतंकियों में बौखलाहट है। इसी के चलते उनके द्वारा शांतिपूर्वक चुनावी प्रक्रिया को पटरी से उतारने का प्रयास किया गया और महोरा में सेना के कैंप पर हमला कर 11 जवानों की शहादत ली। पार्रिकर गुरुवार को श्रीनगर स्थित 15 कोर के मुख्यालय में जवानों को श्रद्धांजलि देने के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे।
विज्ञापन
15 कोर के मुख्यालय में जमीनी स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने के बाद रक्षा मंत्री मनोहर पार्रिकर ने कहा कि भारी मतदान के कारण आतंकी बौखलाए हुए हैं। यही कारण था कि मोहरा में आतंकी हमला हुआ। पार्रिकर ने कहा कि कश्मीर घाटी में चुनावी प्रक्रिया सुचारु रूप से जारी है।
विज्ञापन
आतंक प्रभावित त्राल जैसे इलाकों में भी भारी मतदान देखने को मिला, जो यह साबित करता है कि घाटी के लोग लोकतंत्र पर भरोसा जताने लगे हैं। उन्होंने कहा कि उनके जवान हमेशा किसी भी चुनौती का सामना करने को तैयार हैं।
विज्ञापन
जिन्होंने अभी तक आतंकियों के नापाक मंसूबों को नाकाम बनाया है। पार्रिकर ने यह भी बताया कि उनके कश्मीर दौरे का मुख उद्देश्य जमीनी स्तर की स्थिति को समझना था।
उत्तरी कमांड का भी दौरा किया
इससे पूर्व श्रीनगर पहुंचने पर रक्षा मंत्री मनोहर पार्रिकर को उत्तरी कमांड के जीओसी इन चीफ लेफ्टिनेंट जनरल डीएस हूडा ने राज्य की सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी दी। उन्हें एलओसी, एलएसी और सीमांत्रण इलाकों की स्थिति के बारे में बताया गया। इसके अलावा कश्मीर स्थित 15 कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल सुब्रता साहा ने भी रक्षा मंत्री को घाटी में सेना के आपरेशन की जानकारी दी।
खास तौर पर उड़ी में पांच दिसंबर को हुए आतंकी हमले और दो दिसंबर को उत्तरी कश्मीर के नौगाम सेक्टर में हुई घुसपैठ की, जिसे सेना ने नाकाम बनाया था। रक्षा मंत्री ने इन दो ऑपरेशन में आतंकियों से बरामद हथियार, गोलाबारूद और अन्य सामान का भी जायजा लिया।
रक्षा मंत्री 15 कोर मुख्यालय स्थित वॉर मेमोरियल भी गए। जहां उन्होंने उड़ी आतंकी हमले में शहीद हुए लेफ्टिनेंट कर्नल समेत 8 जवानों को श्रद्धांजलि दी और उनकी शहादत की सराहना की।
खास तौर पर उड़ी में पांच दिसंबर को हुए आतंकी हमले और दो दिसंबर को उत्तरी कश्मीर के नौगाम सेक्टर में हुई घुसपैठ की, जिसे सेना ने नाकाम बनाया था। रक्षा मंत्री ने इन दो ऑपरेशन में आतंकियों से बरामद हथियार, गोलाबारूद और अन्य सामान का भी जायजा लिया।
रक्षा मंत्री 15 कोर मुख्यालय स्थित वॉर मेमोरियल भी गए। जहां उन्होंने उड़ी आतंकी हमले में शहीद हुए लेफ्टिनेंट कर्नल समेत 8 जवानों को श्रद्धांजलि दी और उनकी शहादत की सराहना की।