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Jammu News: उम्मीद से सपने साकार, अचार और जूट के बैग बना महिलाएं भविष्य रहीं संवार
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सबहेड...केंद्र सरकार की उम्मीद योजना से आत्मनिर्भर और सशक्त हो रहीं महिलाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। केंद्र सरकार की उम्मीद योजना से महिलाएं आत्मनिर्भर और सशक्त हो रही हैं। उम्मीद से सपने साकार होने से खुश हैं। छोटे-छोटे कारोबार कर भविष्य संवार रहीं हैं। खुद घर के खर्च चला रही हैं। कोई अचार बना रही है तो कोई करियाना दुकान चला रही है। कई जूट के बैग बनाकर घर की आय बढ़ा रही हैं। कुछ महिलाएं तो दूसरों को भी रोजगार दे रही हैं।
जिला सांबा में भी दस-दस के ग्रुप बनाकर महिलाएं उम्मीद योजना के तहत कारोबार कर रही हैं। ग्रुप की हर सदस्य को हर माह एक सौ रुपये उम्मीद योजना के तहत खोले खाते में जमा करवाना जरूरी है। ग्रुप की सदस्य महिलाएं दुकान, जूट कारोबार, अचार और सिलाई कढ़ाई के कारोबार से जुड़ी हैं। उनका कहना है कि यह योजना उनके लिए वरदान से कम नहीं हैं। सभी महिलाओं को इसका फायदा उठाना चाहिए। खुद के कारोबार शुरू कर आत्मनिर्भर बनना चाहिए।
एक लाख रुपये ऋण लेकर खोली करियाना दुकान
उम्मीद योजना के तहत बने ग्रुप से जुड़ीं सांबा की अनीता देवी ने बताया कि उन्होंने ग्रुप से एक लाख रुपये ऋण लेकर करियाना दुकान खोली। अब अच्छा कारोबार चल रहा है। अब आसानी से परिवार चला रही हैं। जरूरत में ग्रुप से आसान किश्तों पर ऋण मिल जाता है। महिलाएं इस योजना से जुड़कर आत्मनिर्भर बनें।
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जूट के बैग बनाकर चला रहीं परिवार
सांबा की ज्योति ने कहा कि 50 हजार रुपये ऋण लेकर जूट के बैग बनाने का काम शुरू किया। अब घर का खर्च खुद चला रही हैं। सरकारी प्रदर्शनी में बैग के स्टॉल लगाती हैं। काम अच्छा चल रहा है। घर से भी लोग बैग खरीदकर ले जाते हैं। उम्मीद योजना महिलाओं की उम्मीदों को पूरा कर रही है। केंद्र सरकार की योजना सराहनीय है।
कोट
बाहरी राज्यों में भी दिलाया जाता है प्रशिक्षण
उम्मीद योजना से महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं। महिलाओं को बाहरी राज्यों में भी प्रशिक्षण दिलाया जाता है। घगवाल और राजपुरा ब्लॉक की सात हजार महिलाएं उनके साथ जुड़ी हैं। अधिकतर महिलाओं ने अपने रोजगार शुरू किए हैं। वे आचार बनाने, मशरूम, करियाना दुकान, जूट कारोबार, सिलाई कढ़ाई के अतिरिक्त अन्य छोटे-छोटे कारोबार कर अच्छी आय कमा रही हैं। कई महिलाएं दूसरों को भी रोजगार दे रही हैं।
-लक्ष्मी देवी, सदस्य उम्मीद योजना, क्लस्टर राजपुरा (सांबा)
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संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। केंद्र सरकार की उम्मीद योजना से महिलाएं आत्मनिर्भर और सशक्त हो रही हैं। उम्मीद से सपने साकार होने से खुश हैं। छोटे-छोटे कारोबार कर भविष्य संवार रहीं हैं। खुद घर के खर्च चला रही हैं। कोई अचार बना रही है तो कोई करियाना दुकान चला रही है। कई जूट के बैग बनाकर घर की आय बढ़ा रही हैं। कुछ महिलाएं तो दूसरों को भी रोजगार दे रही हैं।
जिला सांबा में भी दस-दस के ग्रुप बनाकर महिलाएं उम्मीद योजना के तहत कारोबार कर रही हैं। ग्रुप की हर सदस्य को हर माह एक सौ रुपये उम्मीद योजना के तहत खोले खाते में जमा करवाना जरूरी है। ग्रुप की सदस्य महिलाएं दुकान, जूट कारोबार, अचार और सिलाई कढ़ाई के कारोबार से जुड़ी हैं। उनका कहना है कि यह योजना उनके लिए वरदान से कम नहीं हैं। सभी महिलाओं को इसका फायदा उठाना चाहिए। खुद के कारोबार शुरू कर आत्मनिर्भर बनना चाहिए।
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एक लाख रुपये ऋण लेकर खोली करियाना दुकान
उम्मीद योजना के तहत बने ग्रुप से जुड़ीं सांबा की अनीता देवी ने बताया कि उन्होंने ग्रुप से एक लाख रुपये ऋण लेकर करियाना दुकान खोली। अब अच्छा कारोबार चल रहा है। अब आसानी से परिवार चला रही हैं। जरूरत में ग्रुप से आसान किश्तों पर ऋण मिल जाता है। महिलाएं इस योजना से जुड़कर आत्मनिर्भर बनें।
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जूट के बैग बनाकर चला रहीं परिवार
सांबा की ज्योति ने कहा कि 50 हजार रुपये ऋण लेकर जूट के बैग बनाने का काम शुरू किया। अब घर का खर्च खुद चला रही हैं। सरकारी प्रदर्शनी में बैग के स्टॉल लगाती हैं। काम अच्छा चल रहा है। घर से भी लोग बैग खरीदकर ले जाते हैं। उम्मीद योजना महिलाओं की उम्मीदों को पूरा कर रही है। केंद्र सरकार की योजना सराहनीय है।
कोट
बाहरी राज्यों में भी दिलाया जाता है प्रशिक्षण
उम्मीद योजना से महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं। महिलाओं को बाहरी राज्यों में भी प्रशिक्षण दिलाया जाता है। घगवाल और राजपुरा ब्लॉक की सात हजार महिलाएं उनके साथ जुड़ी हैं। अधिकतर महिलाओं ने अपने रोजगार शुरू किए हैं। वे आचार बनाने, मशरूम, करियाना दुकान, जूट कारोबार, सिलाई कढ़ाई के अतिरिक्त अन्य छोटे-छोटे कारोबार कर अच्छी आय कमा रही हैं। कई महिलाएं दूसरों को भी रोजगार दे रही हैं।
-लक्ष्मी देवी, सदस्य उम्मीद योजना, क्लस्टर राजपुरा (सांबा)