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J&K: आतंक को लात मारने वाले माजिद की सेना ने की तारीफ, नहीं लगाए गए कोई आरोप

Fri, 17 Nov 2017 10:13 PM IST
amarujala.com- Presented by: चंद्रा पाण्डेय
amarujala.com- Presented by: चंद्रा पाण्डेय Updated Fri, 17 Nov 2017 10:13 PM IST
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Majid surrendered to the army in jammu kashmir
- फोटो : ANI

एक सप्ताह पहले आतंकी संगठन लश्कर का दामन थामने वाले फुटबालर माजिद का दिल मां की पुकार पर पिघल गया। उसने शुक्रवार को सुरक्षा बलों के सामने समर्पण कर दिया। वीरवार को उसकी मां ने रो-रोकर कहा था कि बेटा घर लौट आओ। यदि जाना ही है तो एक गोली मारकर चले जाओ। यह वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था। साथ ही दोस्तों ने भी फेसबुक पर उसके लौटने की अपील की थी। 

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अवंतीपोरा स्थित सेना की विक्टर फोर्स मुख्यालय में पुलिस के आईजीपी मुनीर अहमद खान के साथ साझा प्रेस कांफ्रेंस में जीओसी विक्टर फोर्स के जीओसी मेजर जनरल बीएस राजू ने कहा कि वीरवार का दिन काफी महत्वपूर्ण था। हमें शाम को उसके परिवार से यह जानकारी मिली कि माजिद वापस आना चाहता है। इस पर हमने वह सब किया जो उसे सुरक्षित वापस लाने में किया जाना चाहिए था।
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इसके बाद उसने सेना के पास समर्पण किया। कहा कि हम सब चीजों को ध्यान में रखते हुए यह सुनिश्चित करते हैं कि उस पर किसी प्रकार का मामला नहीं दर्ज किया जाएगा और वह जल्द अपना सामान्य जीवन शुरू कर सकेगा। हम यह भी सुनिश्चित करना चाहेंगे कि उसे हमारी ओर से उसे वह सब सहयोग मिले जिससे वह अपनी पढ़ाई लिखाई के साथ-साथ खेलकूद के हुनर को निखार सके।
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उन्होंने अपील की कि जो युवा वापस लौटना चाहते हैं वह माजिद के नक्शे कदम को फॉलो कर मुख्यधारा में लौट सकते हैं। हम उनका पूरा ख्याल रखेंगे। जिन्होंने कोई अपराध भी किया है तो वह भी वापस लौट सकते हैं। उन्हें भी कानून के दायरे में रहकर पूरा सहयोग दिया जाएगा। पुलिस के आईजीपी मुनीर अहमद खान के कहा कि न माजिद ने सरेंडर किया और न उसे धर दबोचा गया वह खुद अपने परिवार के पास लौटा है। हम उन युवाओं को वापस लाने के लिए अपनी नीति पर डटे हुए हैं जिन्होंने गलत राह चुनी है। यह रास्ता गलत है, इससे कुछ हासिल नहीं होगा।
इसलिए हम चाहते हैं वह इज्जत की जिंदगी जी सके। कहा कि सरेंडर आतंकियों के पुनर्वास के लिए पूरे प्रयास होंगे क्योंकिवह समाज का हिस्सा है। उनका अधिकार है सम्मान से जिंदगी व्यतीत करना। एक सवाल के जवाब में आईजी ने कहा कि माजिद को किसी प्रकार का उत्पीड़न का सामना नहीं करना पड़ेगा। उसे पूरी सुरक्षा मुहैया करवाई जाएगी। जब वह लौटा तो उसके पास कोई हथियार नहीं था।


 

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