पंचायतों में स्थापित होंगे शिकायत बॉक्स, समाधान और समय दोनों की होगी निगरानीः उपराज्यपाल मुर्मू
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जम्मू-कश्मीर की प्रत्येक पंचायत में जन समस्याओं के निदान के लिए शिकायत बाक्स स्थापित किए जाएंगे। शिकायतों के समाधान और विशेष रूप से समाधान के लिए लगने वाले समय पर कड़ाई से निगरानी की जाएगी। जम्मू-कश्मीर लोक शिकायत प्रकोष्ठ के अवाज-ए-आवाम पोर्टल में सलाहकारों द्वारा सार्वजनिक आउटरीच बैठकों के दौरान प्राप्त शिकायतों को दर्ज करने और निगरानी के लिए एक तंत्र शामिल होगा। उपराज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई पहली प्रशासनिक परिषद की बैठक में यह दिशा निर्देश जारी किए गए।
परिषद को सूचित किया गया था कि शिकायतें डाक सहित विभिन्न माध्यमों से प्राप्त की जा रही हैं, जो शिकायतकर्ता द्वारा व्यक्तिगत रूप से उपराज्यपाल की शिकायत सेल में भी लाई जा सकती हैं। उपराज्यपाल के सलाहकारों द्वारा सप्ताह में दो बार सार्वजनिक पहुंच दरबार आयोजित किए जा रहे हैं, जहां लोगों को अपनी शिकायतें रखने का मौका दिया जाता है।
उपायुक्त तहसील और ब्लॉक स्तरों पर साप्ताहिक सार्वजनिक बैठकें आयोजित कर रहे हैं। शिकायत प्रकोष्ठ के कामकाज की समीक्षा करते हुए उपराज्यपाल ने निर्देश दिया कि वास्तविक समय के आधार पर शिकायतों के निपटान की निगरानी के लिए पोर्टल पर एक डैशबोर्ड तैयार किया जाए।
82613 शिकायतें प्राप्त हुईं
उन्होंने कहा कि लोक दरबार में प्राप्त शिकायतों को आवाज-ए-अवाम प्रणाली में भी दर्ज किया जाना चाहिए। बैठक में उपराज्यपाल के सलाहकार केके शर्मा, फारूक खान, मुख्य सचिव बीवी सुब्रह्मण्यम और उपराज्यपाल के प्रमुख सचिव विपुल पाठक मौजूद रहे। योजना, विकास और निगरानी व शिकायत विभाग के प्रधान सचिव रोहित कंसल ने शिकायतों और शिकायतों को दर्ज करने और संभालने की प्रक्रिया की विस्तृत प्रस्तुति दी।
प्रशासनिक परिषद ने बताया कि शिकायत प्रकोष्ठ को पहले ही विभिन्न स्रोतों से 82613 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 43420 ई-पोर्टल पर बढ़ाई गई हैं। यह भी नोट किया गया कि आवाज-ए-आवाम के साथ सीपीग्राम(केन्द्रीकृत लोक शिकायत निवारण और निगरानी प्रणाली) के एकीकरण के बाद देश भर से सीपीग्राम पर प्राप्त होने वाली शिकायतों को स्वचालित रूप से आवाज-ए-आवाम को निर्देशित किया जाएगा और इस तरह से ऐसी शिकायतों के समाधान में भी तेजी आएगी।