{"_id":"5ebeea468ebc3e905a08e78a","slug":"lockdown-jammu-city-news-jmu2100072168","type":"story","status":"publish","title_hn":"आबकारी, ट्रैफिक और राजस्व विभाग का खाली हो रहा खजाना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आबकारी, ट्रैफिक और राजस्व विभाग का खाली हो रहा खजाना
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू। लॉकडाउन की वजह से कई तरह की गतिविधयां ठप पड़ी हुई हैं। इससे सरकार का खजाना भी खाली हो रहा है। राजस्व विभाग को रजिस्ट्री, जमीनों के दस्तावेज तैयार करने संबंधी अन्य कई तरह की सुविधाओं के लिए राजस्व आता था। जो पिछले 50 दिनों से बंद पड़ा है। आबकारी विभाग के पास भी राजस्व नहीं आ रहा है। ट्रैफिक पुलिस को भी हर महीने करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है। सूत्रों की मानें तो यह विभाग अपने-अपने स्तर पर डाटा एकत्र कर रहे हैं कि इनको कितना नुकसान हुआ है।
दरअसल, इन विभागों को आने वाले राजस्व से विभागों में ढांचा स्थापित करने में मदद मिलती है। ऐसे में यह विचार किया जा रहा है कि जो इतना घाटा हुआ है। उसके बाद विभागों में ढांचा स्थापित करने के लिए फंड कहां से जुटाया जाएगा। संभव है कि सरकार के समक्ष कोई प्रस्ताव बनाकर भेजा जाए। एक उच्च अधिकारी ने बताया कि बहुत सी वेलफेयर योजनाएं इस फंड से चलती हैं। योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए फंड कहां से जेनरेट होगा। एक अनुमान के अनुसार ट्रैफिक पुलिस को हर महीने पूरे प्रदेश में दो से तीन करोड़ रुपये का राजस्व आता है। आबकारी विभाग को भी 100 करोड़ का राजस्व आता है। राजस्व विभाग का आंकड़ा भी करोड़ों रुपये में है।
विज्ञापन
दरअसल, इन विभागों को आने वाले राजस्व से विभागों में ढांचा स्थापित करने में मदद मिलती है। ऐसे में यह विचार किया जा रहा है कि जो इतना घाटा हुआ है। उसके बाद विभागों में ढांचा स्थापित करने के लिए फंड कहां से जुटाया जाएगा। संभव है कि सरकार के समक्ष कोई प्रस्ताव बनाकर भेजा जाए। एक उच्च अधिकारी ने बताया कि बहुत सी वेलफेयर योजनाएं इस फंड से चलती हैं। योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए फंड कहां से जेनरेट होगा। एक अनुमान के अनुसार ट्रैफिक पुलिस को हर महीने पूरे प्रदेश में दो से तीन करोड़ रुपये का राजस्व आता है। आबकारी विभाग को भी 100 करोड़ का राजस्व आता है। राजस्व विभाग का आंकड़ा भी करोड़ों रुपये में है।
विज्ञापन