कश्मीर की सियासत से आडवाणी-जोशी गायब
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दोनों नेताओं के नाम पार्टी के स्टार प्रचारकों की सूची में है। किसी भी विधानसभा सीट से इन दोनों नेताओं के नाम की डिमांड नहीं की गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री राजनाथ सिंह और अल्पसंख्यक चेहरा शाहनवाज हुसैन एवं मुख्तार अब्बास नकवी की सबसे ज्यादा सभाएं हुई हैं। हेमा मालिनी भी मतदाताओं को वसंती की इज्जत का वास्ता दे रहीं हैं।
मिशन 44 प्लस के नारे के साथ सरकार बनाने के लिए मैदान में उतरी भाजपा हर कदम फूंक -फूंक कर रख रही है। कश्मीर में पहली बार कमल का फूल खिलाने को लालायित पार्टी ने पूरा जोर लगा रखा है। कश्मीरी पंडितों, सिखों के साथ साथ मुस्लिमों पर भी डोरे डाले जा रहे हैं। धर्म गुरुओं को भी इस कार्य में लगाया गया है।
राजनाथ, शाहनवाज और नकवी की सबसे अधिक सभाएं
दूसरे राज्यों के अल्पसंख्यक मोर्चा के कार्यकर्ता भी घाटी में डटे हुए हैं। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव लगातार कश्मीर में कैप कर रहे हैं। अनुच्छेद 370 जैसे मुद्दे को भी ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। पहले, दूसरे और तीसरे चरण में मोदी घाटी में श्रीनगर सहित पांच रैलियों को संबोधित कर चुके हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह जम्मू एवं कश्मीर संभाग और लद्दाख में आठ सभाओं के जरिये पार्टी के पक्ष में हवा बना चुके हैं। मुख्तार अब्बास नकवी और शाहनवाज हुसैन की घाटी में कई सभाएं हो चुकी हैं। शाहनवाज ने तो जम्मू संभाग में भी पार्टी प्रत्याशियों के पक्ष में सभाएं कीं। अरुण जेटली भी विजन पर चर्चा में हिस्सा ले चुके हैं।
हेमामालिनी और विनोद खन्ना भी वोट की अपील कर चुके हैं। स्टार वार में विपक्षी पार्टियों से काफी आगे होने के बाद भी पार्टी के दो दिग्गज नेताओं को रियासत में चुनाव प्रचार का मौका नहीं मिल पाया। भाजपा सूत्रों का कहना है कि किसी भी विधानसभा सीट से इन दोनों नेताओं की डिमांड नहीं की गई है। इस वजह से इनके कार्यक्रम तय नहीं हो सके हैं। यदि कहीं से मांग की जाती है तो अभी दो चरण बाकी हैं, उनके कार्यक्रम तय किए जाएंगे।