एलजी मनोज सिन्हा बोले: 'नारों से नहीं, नतीजों से देखेंगे नशे के विरुद्ध अभियान की सफलता, कई तस्कर गिरफ्तार'
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सांबा में नशा विरोधी अभियान की अगुवाई करते हुए कहा कि इसकी सफलता का आकलन नतीजों से होगा, और 15 दिनों में इसके सकारात्मक प्रभाव दिखने लगे हैं। अभियान के तहत तस्करों पर कार्रवाई तेज हुई है, संपत्तियां ध्वस्त की गई हैं और इसे जनभागीदारी के साथ व्यापक जनआंदोलन बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
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उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शनिवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर में नशे के विरुद्ध 100 दिन के अभियान की सफलता का मूल्यांकन रैलियों और नारों से नहीं बल्कि नतीजों से किया जाएगा। 15 दिनों में अभियान के नतीजे दिख रहे हैं। नशा तस्करों पर शिकंजा कसा है और अभियान अब जनांदोलन बन गया है। ये आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगा। ये इस बात का प्रमाण बनेगा कि जब लोग एकजुट होते हैं तो वे इतिहास बदल सकते हैं।
उपराज्यपाल ने सांबा में आयोजित जनसभा में नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर का संकल्प दोहराया और पदयात्रा की अगुवाई की। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभियान की साप्ताहिक आधार पर समीक्षा की जाएगी। इसमें देखा जाएगा कि कितने लोगों का पुनर्वास हुआ, कितने तस्करों पर कार्रवाई हुई, कितने फर्जी नशा मुक्ति केंद्र बंद किए गए और कितने मामले दर्ज हुए। इसके अलावा प्रतिबंधित सामग्री की जब्ती, पंचायतों व वार्डों में महिला समितियों के गठन का भी आकलन किया जाएगा।
एलजी ने अधिकारियों को अभियान का नियमित ऑडिट करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा, अगले 85 दिनों तक हमें इस अभियान के तहत हर घर तक पहुंचना होगा। लोगों को नशे के खतरे बताने होंगे। यह लड़ाई केवल कानून से नहीं जीती जा सकती बल्कि समाज की सक्रिय भागीदारी, जागरूकता और सामूहिक प्रयासों से ही संभव है।
ये अभियान जम्मू में 11 अप्रैल को शुरू हुआ था। पिछले दो हफ्तों में चलाए गए एक बड़े अभियान में कई ड्रग सरगनाओं सहित दर्जनों नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। कुख्यात तस्करों से जुड़ी आधा दर्जन से अधिक आवासीय संपत्तियों को ध्वस्त किया गया है।
अभियान में अगली पंक्ति में आएं युवा
उपराज्यपाल ने सांबा के युवाओं से नशे के खिलाफ लड़ाई में अग्रिम पंक्ति में आने की अपील की। उन्होंने कहा, इस गंभीर समस्या का समाधान युवाओं के हाथों में है। उनके सपने मजबूत हैं, उनकी क्षमता असीमित है और समाज को उन सपनों को साकार करने के लिए उनके पीछे मजबूती से खड़ा होना चाहिए।
समाज को अस्थिर करने के लिए युवाओं को नशे के जाल में फंसा रहा पड़ोसी देश
उपराज्यपाल ने कहा कि हमारा पड़ोसी देश समाज को अस्थिर करने के लिए युवाओं को नशे के जाल में फंसा रहा है। नार्को-आतंकवादी नेटवर्क का खतरा एक चुनाैती है। इसे पड़ोसी देश ने आतंकवाद को वित्तपोषित करने और सामाजिक विघटन पैदा करने के लिए सुनियोजित रूप से भड़काया है। इसे खत्म करने के लिए निरंतर कड़ी कार्रवाई और जनजागरूकता जरूरी है।