उपराज्यपाल सिन्हा बोले: अमरनाथ त्रासदी में 15 लोगों की जान गई, अब कोई लापता नहीं, तलाशी अभियान समाप्त
उपराज्यपाल के अनुसार, पहले घटी घटनाओं से सीख लेते हुए घटनास्थल के पास पहले से एक बांध बनाया गया था। अगर यह बांध नहीं होता तो हादसा बड़ा हो सकता था।
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बाबा बर्फानी की पवित्र गुफा के पास बादल फटने से आए सैलाब की चपेट में आकर मरने वाले 15 अमरनाथ यात्रियों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की अतिरिक्त आर्थिक सहायता अमरनाथ श्राइन बोर्ड देगा। इन यात्रियों का पहले से पांच लाख रुपये का बीमा था। यानी अब प्रत्येक मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये मिलेंगे। इस बीच उपराज्यपाल एवं श्राइन बोर्ड के अध्यक्ष मनोज सिन्हा ने कहा कि इस हादसे में तलाशी अभियान पूरा हो चुका है। हादसे में कुल 15 लोगों की मौत हुई, अब कोई लापता कोई नहीं है।
हादसे में कुल 55 लोग घायल हुए थे
हादसे में कुल 55 लोग घायल हुए थे जिनमें से दो का इलाज श्रीनगर के स्किम्स में चल रहा है। अन्य सभी को छुट्टी दे दी गई है। राजभवन में वीरवार को मीडिया से बात करते हुए उपराज्यपाल ने कहा, 15 मृतकों में से 14 के शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं। एक के परिजनों ने अंतिम संस्कार यहीं पर किया है। कुछ लोग लापता थे, जिन्हें 3-4 दिन में ट्रैक कर लिया गया। इसके लिए हेल्पलाइन नंबर जारी की गई थी।
प्रशासन सभी राज्य सरकारों के संपर्क में
उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर प्रशासन सभी राज्य सरकारों के संपर्क में है। पिछले दिनों खबर छपी थी कि आंध्र प्रदेश के 37 लोग लापता हैं, लेकिन आंध्र प्रदेश के रेजिडेंट कमिश्नर ने पत्र भेजकर बताया कि 35 लोग मिल चुके हैं। जो दो महिलाएं लापता थीं, उन्हें भी ट्रैक कर लिया गया है। अब कोई लापता नहीं है।
बांध ने रोका बड़ा हादसा, पवित्र गुफा के पास होगी डिजिटल मैपिंग
उपराज्यपाल के अनुसार, पहले घटी घटनाओं से सीख लेते हुए घटनास्थल के पास पहले से एक बांध बनाया गया था। अगर यह बांध नहीं होता तो हादसा बड़ा हो सकता था। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं से नुकसान को रोकने के लिए अमरनाथ गुफा और उसके आसपास के क्षेत्रों की डिजिटल मैपिंग कराई जाएगी ताकि नुकसान से बचने के लिए पहले से उपाय किए जा सकें। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष और साल 2015 के फ्लैश फ्लड के फ्लो पैटर्न को ध्यान में रखते हुए सिंचाई व बाढ़ नियंत्रण विभाग ने वहां बांध बनाया था।
गुफा के आसपास एक डिजिटल कंटूर मैपिंग कराई जाएगी
कहा कि यूटी प्रशासन सर्वेयर जनरल ऑफ इंडिया से भी गुजारिश कर चुका है और वह काम शुरू करने जा रहा है। पवित्र गुफा के आसपास एक डिजिटल कंटूर मैपिंग कराई जाएगी। विशेषज्ञों की टीम के साथ प्रशासन संपर्क में है कि गुफा के आसपास और क्या संभावना हो सकती है, वहां और क्या क्या किया जा सकता है। गुफा के पास किसी वाटर बॉडी के डिटेक्ट होने के सवाल पर कहा, यह जानकारी मुझे नहीं है, हमारे इंजीनियरों और देश के विशेषज्ञों को भी नहीं है। किसी को है तो मैं कह नहीं सकता। कुछ विशेषज्ञों को लगाकर इसका अध्ययन किया जाएगा।
उच्चतम न्यायालय की समिति से चर्चा के बाद बढ़ी यात्रियों की संख्या
एलजी ने यात्रियों की संख्या बढ़ाए जाने को लेकर उठ रहे सवालों पर कहा कि उच्चतम न्यायालय ने विशेषज्ञों की एक समिति बनाई थी। उस समिति से चर्चा के आधार पर फैसला लिया था कि कितने श्रद्धालु दर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि दो साल पहले तक 7500 लोगों की अनुमति थी जो दोनों रास्तों से होती थी।
- पिछले साल श्राइन बोर्ड ने व्यवस्थाओं में वृद्धि की और उस आधार पर यह फैसला किया कि दोनों मार्गों से 10 हजार यात्री यात्रा पर जा सकेंगे। इस सबका पूरी तरह से पालन हुआ है और पहले की तुलना ने इस वर्ष आधारभूत ढांचों और सुविधाओं में बढ़ोतरी करने की कोशिश की गई है।
अब तक डेढ़ लाख यात्री पहुंचे दरबार
उपराज्यपाल ने कहा कि यात्रियों से भी फीडबैक लेने की कोशिश की गई है। यहां के स्थानीय नागरिकों के सहयोग से यात्रा ठीक ढंग से चल रही है। अभी तक 1.5 लाख लोगों ने यात्रा की है।