जम्मू कश्मीर: पीओजेके की हकीकत को 75 साल से अंधेरे में रखा, एलजी बोले- युवाओं को गुमराह करने की नापाक कोशिश
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर अत्यधिक गरीब और बीमार अर्थव्यवस्था से पीड़ित है। उन्होंने पाकिस्तान की ओर इशारा करते हुए कहा कि गरीबी से त्रस्त देश जो अपने लोगों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं करवा पा रहा है, लेकिन हमारे युवाओं को गुमराह करने के नापाक कोशिशें जारी रखे हुए है।
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उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा, पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) की हकीकत को पिछले 75 वर्षों से पूरी तरह से अंधेरे में रखा गया है। अनुच्छेद 370 हटने से जम्मू-कश्मीर के लोगों की आकांक्षाओं के लिए आशा की एक नई सुबह आई है। प्रदेश में समग्र अर्थव्यवस्था ने एक लंबी छलांग लगाई है।
पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर अत्यधिक गरीब और बीमार अर्थव्यवस्था से पीड़ित है। उन्होंने पाकिस्तान की ओर इशारा करते हुए कहा कि गरीबी से त्रस्त देश जो अपने लोगों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं करवा पा रहा है, लेकिन हमारे युवाओं को गुमराह करने के नापाक कोशिशें जारी रखे हुए है। उप राज्यपाल बुधवार को नई दिल्ली में शेख खालिद जहांगीर की पुस्तक द टू-कश्मीर के विमोचन समारोह में बोल रहे थे।
द टू-कश्मीर पुस्तक पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर की कठोर वास्तविकताओं पर प्रकाश डालती है जहां लोग बुनियादी सुविधाओं, बुनियादी ढांचे, निवेश और कल्याणकारी योजनाओं से वंचित हैं। एलजी ने कहा कि समाज को पाकिस्तान और उसके हमदर्दों को पहचानने और बेनकाब करने की जरूरत है।
जम्मू-कश्मीर में अलगाववाद, आतंकवाद, भ्रष्टाचार और वंशवादी राजनीतिक के दिन खत्म हो गए हैं। जम्मू-कश्मीर ने विकास में नए रुझान स्थापित किए हैं। यह नया जम्मू-कश्मीर है जो समृद्धि, युवाओं की प्रगति और आम आदमी के कल्याण का पर्याय बन गया है। हम कानून के शासन में लोगों के विश्वास को सुनिश्चित करने में सफल रहे हैं।
पाकिस्तान झूठे प्रचार के साथ दोहरेपन की नीति अपनाता रहा है। विकास के मोर्चे पर जम्मू-कश्मीर दुनिया के सामने एक नई मिसाल पेश कर रहा है। यहां के लोग राष्ट्र निर्माण में योगदान दे रहे हैं। भावी पीढ़ियों के लिए एक समृद्ध विरासत का निर्माण कर रहे हैं।
स्वास्थ्य, शिक्षा, बुनियादी ढांचा उद्योग, कृषि, स्टार्ट अप, पर्यटन, संपर्क, खेल, हस्तशिल्प, ई-सुशासन, सरल जीवन, किसानों, युवाओं और महिलाओं के सशक्तीकरण सहित हर क्षेत्र में जम्मू-कश्मीर शीर्ष प्रदर्शन करने में उभर रहा है।
एक समय पुलवामा गलत कारणों से चर्चा में था जो आज जिला प्रदर्शन सूचकांक में शीर्ष क्रम में है। इंटरनेशनल सेंटर फॉर पीस स्टडीज की ओर से आयोजित पुस्तक विमोचन कार्यक्रम के बाद जम्मू-कश्मीर 75 ग्लोरियस इयर्स एंड लुकिंग अहेड पर एक सत्र हुआ।
पाकिस्तान के हिमायती आतंक से राब्ता रखने वालों से ज्यादा गुनहगार: एलजी
उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि समाज को पाकिस्तान और उसके हमदर्दों को पहचानने और बेनकाब करने की जरूरत है। जम्मू-कश्मीर में अलगाववाद, आतंकवाद, भ्रष्टाचार और वंशवादी राजनीति के दिन खत्म हो गए हैं। पाकिस्तान के साथ बातचीत का राग अलापने वालों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि कुछ लोग कोशिश करते हैं कि यहां तब तक सब कुछ ठीक नहीं हो सकता जब तक पाकिस्तान के साथ आप नहीं जुड़ेंगे।
यह वे लोग हैं जिन्होंने जम्मू-कश्मीर को यहां तक पहुंचाया। मेरा मानना है कि ऐसे लोग उन लोगों से ज्यादा गुनहगार हैं जिन्होंने आतंकवाद से सीधा राब्ता रखा है। यह वे लोग हैं जो यह जानते हैं कि जब तक आतंकवाद नहीं रहेगा तब तक दिल्ली में कोई पूछ नहीं रहेगी। धीरे-धीरे ऐसे लोगों को जनता पहचान और समझ चुकी है।
नई दिल्ली में बुधवार को शेख खालिद जहांगीर की पुस्तक द टू-कश्मीर के विमोचन समारोह में उप राज्यपाल ने कहा कि यह सच है कि यहां ऐसी व्यवस्था थी जो कुछ लोगों को फायदा पहुंचाती थी, लेकिन आज की व्यवस्था आम लोगों को लाभ पहुंचा रही है। इससे कुछ लोगों को दिक्कत हो रही है। यह दिक्कत आगे भी होती रहेगी।
पाकिस्तान की टेरर इंडस्ट्री ने युवाओं को गुमराह करने के लिए दुष्प्रचार को हथियार के रूप में इस्तेमाल किया था, लेकिन अब यह तंत्र समाप्त हो चुका है। अब युवाओं के लिए यह प्रेरणा स्त्रोत नहीं रह गए हैं, बल्कि जम्मू-कश्मीर का युवा अब राष्ट्रीय धरोहरों को प्रेरणा मानने लगा है। प्रदेश की स्थिति में बदलाव खुशहाली, संपन्नता और शांति भी लाएगा।