अगले चार साल में बिजली उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन जाएगा जम्मू-कश्मीरः उपराज्यपाल
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जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि प्रदेश को बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए 54 हजार करोड़ की राशि से 3500 मेगावाट पन बिजली उत्पादन की परियोजनाओं को शुरू किया गया है।
इससे अगले चार साल में जम्मू-कश्मीर बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन जाएगा। जबकि पिछले 73 सालों में यहां पर केवल 3500 मेगावाट बिजली का उत्पादन ही हो पा रहा था। उन्होंने कहा जम्मू-कश्मीर के लोगों को विकास, बुनियादी सुविधाओं, बुनियादी अधिकारों से वंचित रखा गया था। संसद की तरफ से जन हित में पारित कानून यहां पर लागू नहीं होते थे।
सिन्हा ने कहा कि अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुनिश्चित किया है कि सभी केंद्रीय कानूनों को जम्मू-कश्मीर में लागू करना है ताकि इसका लाभ लोगों को मिले। जम्मू-कश्मीर में दो एम्स, आईआईटी, आइआईएम व अन्य ढांचे के लिए प्रदेश में 58627 करोड़ की राशि खर्च हो रही है। भ्रष्टाचार मुक्त शासन को सुनिश्चित किया जा रहा है।
डीडीसी चुनाव प्रदेश में शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुए
उपराज्यपाल ने कहा, डीडीसी चुनाव प्रदेश में शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुए। अब सही मायने में जम्मू कश्मीर में जमीनी स्तर पर लोकतंत्र मजबूत हुआ है। लोकतंत्र की इस भावना से आपसी भाईचारा, सांप्रदायिक सद्भाव और एक दूसरे के प्रति सम्मान की भावना भी बढ़ी है।
फ्रांस के राजनयिक इमेन्युल लीनाइन और सेनेगल के राजदूत अब्दुल वहाब हैदरा के सवालों के जवाब में सिन्हा ने कहा कि 28400 करोड़ के नए औद्योगिक विकास योजना से जम्मू कश्मीर में निवेश करने के प्रति निवेशक आकर्षित होंगे।
इससे विकास तेजी से होगा और युवाओं को रोजगार भी मिलेगा। जम्मू कश्मीर के व्यापारिक क्षेत्र को राहत देने के तहत 1350 करोड़ का पैकेज घोषित किया गया है। उन्होंने कहा शांति, खुशहाली और प्रगति जम्मू कश्मीर के विकास के लिए उनकी नीति है।