Environment Day: पर्यावरण सर्वप्रथम हमारा दृष्टिकोण, पारिस्थितिकी तंत्र को दुरस्त करने के लिए प्रतिबद्ध- एलजी
श्रीनगर में उपराज्यपाल ने “हमारी भूमि, हमारा भविष्य” विषय पर आयोजित सम्मेलन को संबोधित किया। एलजी ने कहा कि ‘पर्यावरण सर्वप्रथम’ हमारा दृष्टिकोण है और हम क्षतिग्रस्त पारिस्थितिकी तंत्र को पुनर्जीवित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
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उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने पर्यावरण सर्वप्रथम हमारा दृष्टिकोण है और बिगड़े पारिस्थितिकी तंत्र को दुरस्त करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। बुधवार को श्रीनगर में उपराज्यपाल ने 'हमारी भूमि, हमारा भविष्य' विषय पर आयोजित सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह बातें कहीं। इस दौरान उन्होंने भूमि क्षरण, सूखे और मरुस्थलीकरण की चुनौतियों से निपटने के लिए भूमि पुनर्स्थापन की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम का आयोजन निगीन झील संरक्षण संगठन (एनएलसीओ) द्वारा किया गया।
उन्होंने कहा कि पारिस्थितिकी तंत्र के क्षरण को रोकने के लिए हमारे सामूहिक प्रयासों से आजीविका, खाद्य सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा और मौसम में बदलाव की स्थिति को को सामान्य बनाया जा सकेगा।
उन्होंने गैर सरकारी संगठनों, वित्तीय संस्थानों, व्यापारिक संगठनों, स्वयंसेवकों, नागरिक समाज के सदस्यों और व्यक्तियों से 'परिवर्तन के एजेंट' के रूप में कार्य करने और पारिस्थितिक संरक्षण के लिए खुद को समर्पित करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि प्रदूषण की रोकथाम, हरित क्षेत्र में वृद्धि और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण हमारे साझा लक्ष्य होने चाहिए। इस अवसर पर उपराज्यपाल ने पर्यावरण संरक्षण और सतत जीवन को बढ़ावा देने के प्रति यूटी प्रशासन की प्रतिबद्धता को दोहराया।
उन्होंने जम्मू-कश्मीर की समृद्ध जैव विविधता की रक्षा और संरक्षण के उद्देश्य से सरकार की पहल और कार्यक्रमों के बारे में भी बात की। उपराज्यपाल ने नागरिकों के लिए दो महत्वपूर्ण लक्ष्य निर्धारित किए- एकल-उपयोग प्लास्टिक के इस्तेमाल को रोकना और अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली को मजबूत करना।
उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से अपने गांवों में ऐसे कार्यों की पहचान करने की भी अपील की, जो पारिस्थितिकी तंत्र को बहाल करने और भूमि क्षरण को रोकने में मदद कर सकते हैं।
गिलसर-खुशालसर जलाशय को बदलने में निगीन झील संरक्षण संगठन के योगदान की सराहना करते हुए उपराज्यपाल ने संगठन को उसके प्रयासों में प्रशासन की ओर से हर संभव समर्थन का आश्वासन दिया। इस अवसर पर लोगों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ भी दिलाई गई। इस वर्ष विश्व पर्यावरण दिवस की थीम भूमि क्षरण, मरुस्थलीकरण और सूखे से निपटने पर केंद्रित है।
इस अवसर पर आवास एवं शहरी विकास विभाग की आयुक्त सचिव मनदीप कौर, कश्मीर के संभागीय आयुक्त विजय बिधूड़ी, श्रीनगर के उपायुक्त डॉ. बिलाल मोहिउद्दीन भट, एलसीएमए के कुलपति डॉ. बशीर अहमद भट, निगीन झील संरक्षण संगठन के अध्यक्ष मंजूर वांगनू, वरिष्ठ अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता, स्वयंसेवक और बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे।