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लेह में उपराज्यपाल कार्यालय व आवास के लिए जगह चिह्नित, जल्द तह होगा नाम
Thu, 29 Aug 2019 10:47 PM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Thu, 29 Aug 2019 10:47 PM IST
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शहर में लद्दाख के भावी उपराज्यपाल के कार्यालय व उनके आवास के निर्माण के लिए शहर में जमीन के एक बड़े टुकड़े चिह्नित कर लिया गया है। लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी पार्षद, लेह (एलएएचडीसी) ग्याल पी वांग्याल ने बताया कि वर्तमान प्रशासनिक क्षेत्र से केंद्र शासित प्रदेश में तब्दील होने के दौरान सहजता के लिए तीन समितियों का गठन किया गया है।
लद्दाख वर्तमान में एक ऐतिहासिक बदलाव के मोड़ पर आ खड़ा हुआ है। 31 अक्तूबर को यह आधिकारिक रूप से इसे पृथक केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा मिल जाएगा। इस महीने की शुरुआत में, केंद्र ने जम्मू-कश्मीर लद्दाख को शासित प्रदेश में विभाजित कर दिया था।
वांग्याल ने समाचार एजेंसी को बताया कि फिलहाल उपराज्यपाल के आवास और कार्यालय के लिए काउंसिल सचिवालय भवन के पीछे कुछ बुनियादी ढाँचे उपलब्ध हैं। जो अस्थाई तौर पर उपयोग में लाए जा सकते हैं। हमने सरकारी डिग्री कॉलेज के पास, एलजी ऑफिस और लेह में निवास (राज निवास) के निर्माण के लिए भूमि का एक बड़ा हिस्सा पहले ही तलाश लिया है।
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यह लगभग 300 कनाल (37.5 एकड़) भूमि है और सेना के पास है। हमने सेना से वहां से शिफ्ट होने का अनुरोध किया है और बदले में हम उन्हें कहीं और बराबर जमीन देंगे। हिल काउंसिल के प्रमुख ने कहा कि इसके अलावा 1000 कनाल अन्य भूमि को भी दूसरे बुनियादी ढांचे के लिए चिह्नित किया गया है।
उन्होंने कहा कि, जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने एक वित्त, सेवा और एक अन्य समिति का गठन किया है। वर्तमान में, लद्दाख के सरकारी कार्यालय, पर्यटन विभाग, स्कूल बोर्ड, कॉलेज संबद्धता, पुलिस और प्रशासनिक सेवाएं और अन्य प्रतिष्ठान और वाहन पंजीकरण सभी जम्मू और कश्मीर सरकार से जुड़े हुए हैं।
ये तीनों समितियां नए परिवेश की आवश्यकताओं के साथ अधिकारियों की तैनाती व अन्य मुद्दों पर नजर रखेंगी। क्योंकि वर्तमान में अधिकांश अधिकारी केएएस (कश्मीर प्रशासनिक सेवा) से संबंधित हैं। समितियां देखेंगी कि हमें लद्दाख प्रशासनिक सेवा की आवश्यकता है या नहीं। यह सब कुछ 31 अक्तूबर से पहले हो जाना चाहिए।
समय के साथ समाप्त हो जाएंगे वाहनों के पुराने नंबर
वांग्याल से जब पूछा गया कि क्या 31 अक्टूबर के बाद वाहन की प्लेट संख्याएं तुरंत बदल जाएंगी? तो उन्होंने कहा, नहीं, यह एक बार में नहीं होगा, पुराने नंबर (लद्दाख कोड जेके 10) समय के साथ समाप्त हो जाएंगे।
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लद्दाख वर्तमान में एक ऐतिहासिक बदलाव के मोड़ पर आ खड़ा हुआ है। 31 अक्तूबर को यह आधिकारिक रूप से इसे पृथक केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा मिल जाएगा। इस महीने की शुरुआत में, केंद्र ने जम्मू-कश्मीर लद्दाख को शासित प्रदेश में विभाजित कर दिया था।
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वांग्याल ने समाचार एजेंसी को बताया कि फिलहाल उपराज्यपाल के आवास और कार्यालय के लिए काउंसिल सचिवालय भवन के पीछे कुछ बुनियादी ढाँचे उपलब्ध हैं। जो अस्थाई तौर पर उपयोग में लाए जा सकते हैं। हमने सरकारी डिग्री कॉलेज के पास, एलजी ऑफिस और लेह में निवास (राज निवास) के निर्माण के लिए भूमि का एक बड़ा हिस्सा पहले ही तलाश लिया है।
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यह लगभग 300 कनाल (37.5 एकड़) भूमि है और सेना के पास है। हमने सेना से वहां से शिफ्ट होने का अनुरोध किया है और बदले में हम उन्हें कहीं और बराबर जमीन देंगे। हिल काउंसिल के प्रमुख ने कहा कि इसके अलावा 1000 कनाल अन्य भूमि को भी दूसरे बुनियादी ढांचे के लिए चिह्नित किया गया है।
उन्होंने कहा कि, जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने एक वित्त, सेवा और एक अन्य समिति का गठन किया है। वर्तमान में, लद्दाख के सरकारी कार्यालय, पर्यटन विभाग, स्कूल बोर्ड, कॉलेज संबद्धता, पुलिस और प्रशासनिक सेवाएं और अन्य प्रतिष्ठान और वाहन पंजीकरण सभी जम्मू और कश्मीर सरकार से जुड़े हुए हैं।
ये तीनों समितियां नए परिवेश की आवश्यकताओं के साथ अधिकारियों की तैनाती व अन्य मुद्दों पर नजर रखेंगी। क्योंकि वर्तमान में अधिकांश अधिकारी केएएस (कश्मीर प्रशासनिक सेवा) से संबंधित हैं। समितियां देखेंगी कि हमें लद्दाख प्रशासनिक सेवा की आवश्यकता है या नहीं। यह सब कुछ 31 अक्तूबर से पहले हो जाना चाहिए।
समय के साथ समाप्त हो जाएंगे वाहनों के पुराने नंबर
वांग्याल से जब पूछा गया कि क्या 31 अक्टूबर के बाद वाहन की प्लेट संख्याएं तुरंत बदल जाएंगी? तो उन्होंने कहा, नहीं, यह एक बार में नहीं होगा, पुराने नंबर (लद्दाख कोड जेके 10) समय के साथ समाप्त हो जाएंगे।