कड़े तेवरों से सहमा पाक, नहीं हुई फायरिंग
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आखिर केन्द्र सरकार के कड़े तेवरों और भारतीय सुरक्षा बलों के मुंहतोड़ जवाब के बाद पाकिस्तान के होश कुछ ठिकाने आए और एक हफ्ते से लगातार हो रही फायरिंग पर कुछ विराम लगा।
सीमा पर रात आठ बजे के बाद पाकिस्तानी बंदूके शांत रही तो बीएसएफ ने भी जवाबी कार्रवाई नहीं की। हालांकि अभी यह कहना मुश्किल है कि सीमा पर पूर्ण रूप से शांति हो चुकी है, क्योंकि पाकिस्तान की फितरत ऐसी नहीं रही है कि वह इतनी जल्दी अपनी हरकतों से बाज आ जाए।
यही कारण है कि सीमा पर मोर्चा संभाल रही बीएसएफ लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। पता नहीं कब नापाक पडोसी अपनी बेजा हरकतों पर उतर आए।
प्रधानमंत्री और रक्षामंत्री ने दिए थे कड़े संदेश
गुरुवार रात से सीमा के उस पार से फायरिंग न होने के कारण बार्डर और उससे जुड़े इलाकों में पिछले 16 घंटो से शांति का माहौल है। वर्ना कई दिन से शाम ढलते ही पाकिस्तानी हथियार गरजने शुरू हो जाते थे और क्षेत्र में भयंकर तबाही मचाते थे।
लेकिन गुरुवार को पहले प्रधानमंत्री और फिर उसके बाद रक्षा मंत्री अरुण जेटली के कड़े तेवरों के बाद पाक की हेकड़ी टूटती दिख रही है। हालांकि इससे पूर्व भी बीएसएफ के कड़े जवाब के बाद पाक अधिकारियों ने अपने क्षेत्र में हुए नुकसान का रोना शुरू कर दिया था।
ऐसे में भारत के कड़े तेवरों का असर भी सीमा पर दिखाई दिया जब वीरवार रात आठ बजे के बाद कहीं से भी फायरिंग का कोई समाचार नहीं मिला। ऐसे में सीमा पर हालात सामान्य होने की उम्मीद की जा रही है।
सीमा पर पूरी चौकसी बरत रही बीएसएफ
हालांकि वो बात दीगर है कि पाकिस्तान की फितरत को देखते हुए इतनी जल्दी उस पर विश्वास नहीं किया जा सकता। इसलिए सुरक्षा बल ताजा हालात पर पूरी तरह नजर गड़ाए हुए हैं।
सीमांत गांवों से हटाए ग्रामीणों को अभी वापस जाने की छूट नहीं दी जा रही है। बीएसएफ ने सारा इलाका लगभग सील कर रखा है किसी को भी आगे जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
बताते चलें कि दो दिन पूर्व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी इस बात के संकेत दिए थे कि जल्द ही सब ठीक हो जाएगा। ऐसे में शायद पाकिस्तान पर उनकी बात का असर होता भी दिख रहा है।