हंगामेदार हो सकता है आखिरी विधानसभा सत्र
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विधानसभा चुनाव से पहले 25 अगस्त से शुरू होने वाले मौजूदा विधानसभा के आखिरी सत्र के हंगामेदार होने के पूरे आसार हैं। चुनाव को करीब देखते हुए सियासी पार्टियां विधानसभा सत्र के माध्यम से अपनी आवाज बुलंद कर जनता में पैठ बनाने का कोई मौका नहीं जाने देंगी।
भाजपा विधायक दल के नेता अशोक खजूरिया का कहना है कि मौजूदा विधानसभा के आखिरी सत्र के लिए पार्टी तैयार है। उनका कहना है कि सत्र के लिए पार्टी की रणनीति पर काम चल रहा है।
खजूरिया का कहना है कि जनहित के मुद्दों खासतौर पर रिफ्यूजियों के मसलों को पार्टी जोरशोर से उठाएगी। इसके अलावा बिजली, पानी की किल्लत सहित अन्य मसलों को भी उठाकर सरकार की नाकामियों को उजागर किया जाएगा।
जनता से जुड़े मुद्दों पर रहेगा जोर
कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रविंद्र शर्मा का कहना है कि विधानसभा सत्र के लिए रणनीति तैयार करने के लिए पार्टी की विधायक दल की समिति की बैठक होगी।
उनका कहना है कि कांग्रेस शुरू से ही रियासत के तीनों क्षेत्रों की जनसमस्याओं को उजागर करती रही है और उनके हल के लिए प्रयासरत है। पीओके और पश्चिमी पाकिस्तानी रिफ्यूजियों, सरकारी विभाग में कार्यरत डेलीवेजरों, सीमांत लोगों को पेश आ रही समस्याओं को पार्टी सत्र में उठाएगी।
पीडीपी के मुख्य प्रवक्ता नईम अख्तर का कहना है कि मौजूदा विधानसभा का यह आखिरी सत्र होगा। मुख्य विपक्षी पार्टी के नाते इस सत्र में पीडीपी सरकार की नाकामियों को जोरशोर से उठाने वाली है।