पाक की ओर से लश्कर आतंकी कर रहे फायरिंग
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) पर पाकिस्तानी रेंजर्स की ओर से हो रही फायरिंग में लश्कर ए ताइबा के आतंकी भी शामिल होते हैं। पिछले तीन महीनों में हुए सीजफायर उल्लंघन की वारदात में कम से कम दो बार लश्कर आतंकियों ने पाक रेंजर्स के साथ शिरकत की है।
इसका पता तब चला जब सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की जवाबी फायरिंग में लश्कर आतंकियों के मारे जाने की पुष्टि हुई। एक अक्तूबर से पाक की ओर से किए जा रहे ताजा सीजफायर उल्लंघन का मकसद जम्मू-कश्मीर में बर्फ जमने के पहले आतंकियों की घुसपैठ कराना है।
सोमवार को आईबी पर हालात का जायजा लेने जा रहे बीएसएफ के महानिदेशक डीके पाठक ने खास बातचीत में पाक रेंजर्स के साथ आतंकी संगठन लश्कर की मिलीभगत की पुष्टि की है।
उन्होंने कहा कि ताजा फायरिंग में लश्कर के शामिल होने की बात जांच के बाद पता चलेगी। लेकिन पिछली कई फायरिंग के दौरान रेंजर्स के साथ आतंकियों के शामिल होने की बात सामने आई है। पाठक के मुताबिक दो मौकों पर बीएसएफ ने पाक रेंजर्स के साथ लश्कर के कई आतंकियों को भी मार गिराया है।
लश्कर आतंकवादियों की घुसपैठ की बड़ी कोशिश
बीएसफ महानिदेशक ने कहा कि ताजा फायरिंग के जवाब में पाकिस्तान की ओर नौ लोगों के मारे जाने की सूचना है। इसमें कितने नागरिक हैं और कितने रेंजर्स या आतंकी हैं, इसका पता अभी नहीं चला है।
बीएसएफ ने जम्मू के अरनिया सेक्टर में हो रही पाक फायरिंग का करार जवाब दिया है। पाठक ने बताया कि राज्य में जाड़े की शुरुआत से पहले पाक सुरक्षा एजेंसियां लश्कर आतंकवादियों की घुसपैठ की बड़ी कोशिश करती है। लेकिन बीएसएफ की मुस्तैदी की वजह से उन्हें लगातार नाकामी हासिल हो रही है।
यही वजह है कि लश्कर के कमांडर खुद सीमा पर मौजूद रहकर घुसपैठ की निगरानी कर रहे हैं। उनके मुताबिक पाक एजेंसियों की हताशा का यह आलम है कि बकरीद के त्योहार पर भी वह अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहे।