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दुजाना के अय्याशी में शामिल होने पर इस्माइल को किया था आगे
amarujala.com- presented by: आनंद
Updated Fri, 15 Sep 2017 12:10 PM IST
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पाक आतंकी अबु इस्माइल काफी दुर्दांत आतंकी था। वह घाटी में सुरक्षा बलों के 14 जवानों और आठ नागरिकों की हत्या में शामिल था। घाटी में इन दिनों खुफिया सर्विलांस काफी सटीक होने की वजह से एक के बाद एक आतंकी संगठनों के टाप कमांडरों को मार गिराने में सुरक्षा बलों को सफलता मिल रही है। उत्तरी कश्मीर में ठिकाना बनाने के बाद पिछले कुछ सालों से दक्षिणी कश्मीर में उसने अपने को कें द्रित कर रखा था।
लश्कर के आपरेशनल कमांडर अबु दुजाना के एय्याशी में शामिल होने के बाद धीरे-धीरे इस्माइल को ही संगठन की ओर से आगे किया जाने लगा था। उसी को दक्षिणी कश्मीर में हमले का ताना बाना बुनने तथा हमले को अंजाम देने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। हालांकि, दुजाना की मौत के बाद ही उसे आपरेशनल कमांडर की पूरी तरह जिम्मेदारी दी गई थी। अबु इस्माइल वर्ष 2016 में हमले की चार तथा लूट की तीन घटनाओं में शामिल था, जबकि 2017 में उसने अब तक अमरनाथ यात्रियों की बस सहित आठ वारदातों को अंजाम दिया।
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लश्कर के आपरेशनल कमांडर अबु दुजाना के एय्याशी में शामिल होने के बाद धीरे-धीरे इस्माइल को ही संगठन की ओर से आगे किया जाने लगा था। उसी को दक्षिणी कश्मीर में हमले का ताना बाना बुनने तथा हमले को अंजाम देने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। हालांकि, दुजाना की मौत के बाद ही उसे आपरेशनल कमांडर की पूरी तरह जिम्मेदारी दी गई थी। अबु इस्माइल वर्ष 2016 में हमले की चार तथा लूट की तीन घटनाओं में शामिल था, जबकि 2017 में उसने अब तक अमरनाथ यात्रियों की बस सहित आठ वारदातों को अंजाम दिया।
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अमरनाथ यात्रियों की बस पर हमला करने के बाद से सुरक्षा बलों के निशाने पर
अमरनाथ यात्रियों की बस पर हमला करने के बाद से ही वह सुरक्षा बलों के निशाने पर आ गया था। सुरक्षा बलों की ओर से लगातार दो महीने तक उसे ट्रैक किया गया। कई मौकों पर वह सुरक्षा बलों को चकमा देकर फरार होने में सफल रहा था।
सूत्रों का कहना है कि वह दक्षिणी कश्मीर में संगठन की पकड़ मजबूत करने के लिए युवाओं की भर्ती भी कर रहा था। इसके लिए उसने ओवर ग्राउंड वर्करों का जाल बिछा रखा था। हिजबुल आतंकियों के लगातार मारे जाने के बाद से वह दक्षिणी कश्मीर में अपनी पकड़ मजबूत बनाना चाहता था। इस वजह से वह सुरक्षा बलों पर हमले के साथ साथ राजनीति से जुड़े लोगों की हत्याएं भी कर रहा था।
आईजी मुनीर अहमद खान का कहना है कि खुफिया सूचना के बदौलत ही इन आतंकियों को घेरने में सफलता हाथ लगी है। सर्विलांस को काफी मजबूत किया गया है। आगे भी इस प्रकार की कार्रवाई जारी रहेगी।
सूत्रों का कहना है कि वह दक्षिणी कश्मीर में संगठन की पकड़ मजबूत करने के लिए युवाओं की भर्ती भी कर रहा था। इसके लिए उसने ओवर ग्राउंड वर्करों का जाल बिछा रखा था। हिजबुल आतंकियों के लगातार मारे जाने के बाद से वह दक्षिणी कश्मीर में अपनी पकड़ मजबूत बनाना चाहता था। इस वजह से वह सुरक्षा बलों पर हमले के साथ साथ राजनीति से जुड़े लोगों की हत्याएं भी कर रहा था।
आईजी मुनीर अहमद खान का कहना है कि खुफिया सूचना के बदौलत ही इन आतंकियों को घेरने में सफलता हाथ लगी है। सर्विलांस को काफी मजबूत किया गया है। आगे भी इस प्रकार की कार्रवाई जारी रहेगी।