अमरनाथ यात्रा: शिवभक्तों का अब तक का सबसे बड़ा जत्था रवाना
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कश्मीर की हिंसा से बेअसर देश के विभिन्न हिस्सों से आए बाबा बर्फानी के श्रद्धालुओं के हौसले बुलंद हैं। मंगलवार को जम्मू से अब तक का सबसे बड़ा 4052 श्रद्धालुओं का जत्था पहलगाम व बालटाल आधार शिविरों के लिए गया।
प्रशासन ने लगातार दूसरे दिन जत्थे को सुबह के बजाय शाम को ही रवाना किया। इस बीच मंगलवार को 11वें दिन 4455 यात्रियों ने बाबा बर्फानी के दर्शन किए। इसके साथ ही अब तक एक लाख 37 हजार 719 भोले भक्त पवित्र हिमलिंग के दर्शन कर चुके हैं।
जम्मू के आधार शिविर भगवती नगर यात्री निवास में श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। यात्रा बहाल होने के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। जम्मू से 122 वाहनों में रवाना हुए श्रद्धालुओं में 3150 पुरुष, 763 महिलाएं, 135 पुरुष साधु और चार महिला साधु शामिल रहे।
कश्मीर में हालात सामान्य होने तक श्री अमरनाथ यात्रियों को शाम को ही यहां से भेजने की रणनीति बनाई गई है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की समस्या न आए और वह रात के अंधेरे में ही पहलगाम या बालटाल आधार शिविरों तक पहुंच जाएं। जत्थे को सुबह भेजना है या शाम को इसका निर्णय हर दिन के हालात पर निर्भर करेगा।
रात के अंधेरे में भी भोले भक्तों को जम्मू भेजा जा रहा
कश्मीर में हिंसा के मद्देनजर बदली रणनीति के तहत अब प्रशासन बाबा बर्फानी के दर्शन के बाद रात में ही श्रद्धालुओं को जम्मू भेज रहा है। देर रात तक उन्हें जवाहर टनल के पार भेजने की रणनीति पर मंगलवार को दूसरे दिन भी काम हुआ।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि अब बालटाल और पहलगाम आधार शिविर में यात्रियों के फंसने जैसी समस्या नहीं है। रोजाना दर्शन करने वाले यात्रियों को ही रुकने दिया जा रहा है। हिंसा के चलते दोनों बेस कैंप में फंसे 25 हजार यात्रियों को 17 सौ से अधिक वाहनों में सोमवार को सुरक्षित जम्मू पहुंचाया गया था।