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तलवाड़ा में 24 परिवारों ने खाली किए आवास, स्कूलों में ली शरण
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तलवाड़ा के एक स्कूल में शरण लिए हुए एक विस्थापित परिवार।
- फोटो : REASI
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रियासी। पहाड़ी से पानी के साथ आए पत्थरों तथा मलबे के कारण आतंकवाद की मार झेलकर आए तलवाड़ा के कई विस्थापित परिवारों के सामने दोबारा से पलायन करने की स्थिति उत्पन्न हो गई है। तलवाड़ा में अब 24 विस्थापित परिवार अपने आवासों को खाली कर क्लबों और स्कूलों में शरण ले चुके हैं। आने वाले दिनों में कुछ और आवास भी खाली करवाए जाने की आशंका है।
शनिवार रात भी तलवाड़ा विस्थापितों ने बारी बारी से जागकर काटी। इस दौरान पहाड़ी के हिस्से पर पूरी नजर रखी गई, ताकि किसी आपातकालीन स्थिति पर सभी को तुरंत सूचित किया जा सके। रविवार सुबह होने पर आवास छोड़ चुके विस्थापित अपने घरों में पहुंचे और मलबे में दबे पड़े जरूरी सामान की तलाश की। इस दौरान तीन परिवारों ने अपना सामान समेट कर स्कूल में शरण ली। माइग्रेंट एक्शन कमेटी के प्रधान जगदेव सिंह के अनुसार डेढ़ सौ के करीब विस्थापित आवासों पर खतरा बना हुआ है।
उन्होंने कहा कि क्लब व स्कूलों में इतनी जगह नहीं है, जहां सभी को एक साथ रखा जा सके। अगर जोरदार तरीके से दोबारा बारिश हो जाती है तो खाली किए गए आवासों के साथ अन्य आवासों को भी नुकसान हो सकता है। जिला प्रशासन को उनके लिए सिर छिपाने के लिए जल्द उचित व्यवस्था करनी होगी।
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उधर, तहसीलदार मुंशी राम ने बताया कि 24 परिवारों को उनके आवास खाली करवा कर सुरक्षित स्थान पर भेजा गया है। इस दौरान उक्त स्थान के पास रहने वाले लोगों को भी जरूरी आदेश दिए गए हैं। रविवार को मौसम पूरी तरह साफ रहने के बावजूद लोगों को सतर्कता बरतने को कहा गया। शाम को स्वयं दौरा कर पूरी स्थिति का जायजा लिया। कुछ और आवासों को भी खाली करवाया जा सकता है।
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शनिवार रात भी तलवाड़ा विस्थापितों ने बारी बारी से जागकर काटी। इस दौरान पहाड़ी के हिस्से पर पूरी नजर रखी गई, ताकि किसी आपातकालीन स्थिति पर सभी को तुरंत सूचित किया जा सके। रविवार सुबह होने पर आवास छोड़ चुके विस्थापित अपने घरों में पहुंचे और मलबे में दबे पड़े जरूरी सामान की तलाश की। इस दौरान तीन परिवारों ने अपना सामान समेट कर स्कूल में शरण ली। माइग्रेंट एक्शन कमेटी के प्रधान जगदेव सिंह के अनुसार डेढ़ सौ के करीब विस्थापित आवासों पर खतरा बना हुआ है।
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उन्होंने कहा कि क्लब व स्कूलों में इतनी जगह नहीं है, जहां सभी को एक साथ रखा जा सके। अगर जोरदार तरीके से दोबारा बारिश हो जाती है तो खाली किए गए आवासों के साथ अन्य आवासों को भी नुकसान हो सकता है। जिला प्रशासन को उनके लिए सिर छिपाने के लिए जल्द उचित व्यवस्था करनी होगी।
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उधर, तहसीलदार मुंशी राम ने बताया कि 24 परिवारों को उनके आवास खाली करवा कर सुरक्षित स्थान पर भेजा गया है। इस दौरान उक्त स्थान के पास रहने वाले लोगों को भी जरूरी आदेश दिए गए हैं। रविवार को मौसम पूरी तरह साफ रहने के बावजूद लोगों को सतर्कता बरतने को कहा गया। शाम को स्वयं दौरा कर पूरी स्थिति का जायजा लिया। कुछ और आवासों को भी खाली करवाया जा सकता है।

आवास को खाली करवाने के आदेश पर जरूरी सामान ले कर जाती हुई एक विस्थापित युवती।- फोटो : REASI