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सरकारी मदद मिलने की आस में दिन काट रहे भूस्खलन प्रभावित
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बासा निवासी अब्दुल रशीद।
- फोटो : REASI
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रियासी। जिले में वीरवार देर रात हुई हल्की बारिश ने बासा में भूस्खलन प्रभावितों की नींद उड़ा दी। इस दौरान सभी लोग टेंट में यही प्रार्थना कर रहे थे कि उनके ऊपर फिर से कोई मुसीबत न आन पड़े। सभी को सरकारी मदद मिलने का इंतजार है।
पहाड़ गिरने से मलबे में जमींदोज हुए 35 घरों के लोग जल्द सरकारी व प्रशासनिक मदद की उम्मीद लिए दिन काट रहे हैं। बासा निवासी अब्दुल रशीद बताते हैं कि उनके परिवार में 11 सदस्य हैं। पहाड़ के नीचे आनेे से उनका मकान तहस नहस हो गया। वे अब टेंट में रह रहे हैं। थोड़ा सा भी मौसम खराब होने से उनके हलक सूख जातेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेे हैं। अब सिर्फ प्रशासनिक सहायता के सहारे दिन निकाल रहे हैं। आने वाले दिनों में क्या होगा, कुछ पता नहीं?
मोहम्मद याकूब के अनुसार उनके कीमती सामान के साथ बच्चों के स्कूल की वर्दियां भी मिट्टी के मलबे की भेंट चढ़ गईं। बच्चों को स्कूल भी नहीं भेेजा जा रहा है। सब लोग दिन में एक साथ एक जगह पर बैठे रहते हैं। बच्चों को कहीं नहीं आने जाने दिया जा रहा। स्वयं भी कहीं आने जाने में असमर्थ हैं। प्रशासन उनको जल्द रहने के लिए घर उपलब्ध करवाए, ताकि वह अपनी जिंदगी दोबारा शुरू कर सके।
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वहीं, अब्दुल आहद कहते हैं कि प्रशासन व सरकार को चाहिए कि वह उन्हें सरकारी जमीन पर प्लाट बनाकर दे। घर बनाने के लिए भी हर संभव मदद चाहिए। जरूरी सामान के साथ खाने पीने के लिए राशन भी दिया जाए, ताकि उनको भूखे न रहना पड़े। गौरतलब है कि बासा में हुए भूस्खलन पर स्थानीय प्रशासन पूरी नजर बनाए हुए है। उपायुक्त ने भी मौके का दौरा कर लोगों को हरसंभव मदद देने का आश्वासन दिया है, और लोगों को भूस्खलन वाले स्थानों से दूर रहने को कहा है।
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पहाड़ गिरने से मलबे में जमींदोज हुए 35 घरों के लोग जल्द सरकारी व प्रशासनिक मदद की उम्मीद लिए दिन काट रहे हैं। बासा निवासी अब्दुल रशीद बताते हैं कि उनके परिवार में 11 सदस्य हैं। पहाड़ के नीचे आनेे से उनका मकान तहस नहस हो गया। वे अब टेंट में रह रहे हैं। थोड़ा सा भी मौसम खराब होने से उनके हलक सूख जातेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेे हैं। अब सिर्फ प्रशासनिक सहायता के सहारे दिन निकाल रहे हैं। आने वाले दिनों में क्या होगा, कुछ पता नहीं?
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मोहम्मद याकूब के अनुसार उनके कीमती सामान के साथ बच्चों के स्कूल की वर्दियां भी मिट्टी के मलबे की भेंट चढ़ गईं। बच्चों को स्कूल भी नहीं भेेजा जा रहा है। सब लोग दिन में एक साथ एक जगह पर बैठे रहते हैं। बच्चों को कहीं नहीं आने जाने दिया जा रहा। स्वयं भी कहीं आने जाने में असमर्थ हैं। प्रशासन उनको जल्द रहने के लिए घर उपलब्ध करवाए, ताकि वह अपनी जिंदगी दोबारा शुरू कर सके।
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वहीं, अब्दुल आहद कहते हैं कि प्रशासन व सरकार को चाहिए कि वह उन्हें सरकारी जमीन पर प्लाट बनाकर दे। घर बनाने के लिए भी हर संभव मदद चाहिए। जरूरी सामान के साथ खाने पीने के लिए राशन भी दिया जाए, ताकि उनको भूखे न रहना पड़े। गौरतलब है कि बासा में हुए भूस्खलन पर स्थानीय प्रशासन पूरी नजर बनाए हुए है। उपायुक्त ने भी मौके का दौरा कर लोगों को हरसंभव मदद देने का आश्वासन दिया है, और लोगों को भूस्खलन वाले स्थानों से दूर रहने को कहा है।

बासा निवासी मोहम्मद याकूब।- फोटो : REASI

बासा निवासी अब्दुल आहद।- फोटो : REASI

मकान ढ़हने के बाद टेंट में शरण लिए हुए एक परिवार।- फोटो : REASI