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अखिर क्यों इस इलाके में पड़ रही है जमीन मे दरार?
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Thu, 16 Apr 2015 01:33 PM IST
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नियाबत गांधरी के गांव टंगर समेत एक वर्ग किलोमीटर से अधिक क्षेत्र की भूमि पर सिर्फ दरारें नजर आ रही हैं। क्षेत्र के गांवों में दशहत है। लोगों ने घर छोड़ना शुरू कर दिया है। 23 मार्च को इस गांव के वार्ड नंबर चार से भूस्खलन का सिलसिला शुरू हुआ था।
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उस दिन सात घरों को नुकसान हुआ था। पांच सौ कनाल से अधिक कृषि भूमि नष्ट हो गई थी। इसके बाद से भूस्खलन का सिलसिला जारी है। जिला विकास आयुक्त फारूक शाह बुखारी ने कहा कि प्रशासन पीड़ितों को टेंट समेत अन्य सुविधाएं देगा।
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मंगलवार की देर रात 2 बजे के करीब भूस्खलन फिर होने लगा। लोगों को पता चला कि गांव के वार्ड नंबर 1, 2 और 3 की हजारों कनाल भूमि इसकी चपेट में आ चुकी है। इन इलाकों में 113 परिवारों के घर हैं।
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इसके अलावा एक सरकारी हाई स्कूल, एक सरकारी गर्ल्स प्राइमरी स्कूल, 2 मस्जिदों, एक मदरसा और 2 मंदिर भी इसकी चपेट में हैं। अभी तीन परिवार सुरक्षित स्थानों की ओर जा चुके हैं, जिनमें नजीर अहमद, शकूर अहमद निवासी मोड़ा कोटली और गुलाम नबी निवासी मोड़ा चकंडा शामिल हैं।
उनके घरों में बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं। इसके अलावा एक दर्जन से अधिक आवासीय घरों में दरारें हैं, जिनमें बंसीलाल, खेमराज, कालीदास, प्रीतम सिंह, अब्दुल हमीद, शादी लाल, फरीद अहमद, दयाराम, हाजी मराज, शेर अली आदि शामिल हैं।