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उर्जा का नया केंद्र बनेगा लद्दाख, घरेलू खपत से ज्यादा बिजली कर रहा है तैयार
Thu, 24 Oct 2019 04:07 AM IST
Mohit Mudgal
ओमपाल संब्याल, अमर उजाला, जम्मू
ओमपाल संब्याल, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Mohit Mudgal
Updated Thu, 24 Oct 2019 04:07 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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जम्मू-कश्मीर से अलग होकर केंद्र शासित प्रदेश बनने जा रहा लद्दाख देशभर में ऊर्जा का नया केंद्र बनकर उभरेगा। अलग यूटी बनते ही लद्दाख पहला केंद्र शासित प्रदेश होगा जो घरेलू खपत से ज्यादा बिजली तैयार कर रहा है। यही नहीं, जो बिजली परियोजनाएं विचाराधीन हैं, उनके मूर्त रूप लेने पर लद्दाख से तैयार होने वाली बिजली उत्तर भारत के कई राज्यों को रोशन करेगी।
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लद्दाख में इस समय नेशनल हाइड्रो इलेक्ट्रिक पावर कारपोरेशन (एनएचपीसी) की दो पनबिजली परियोजनाएं चल रही हैं। इनमें चुटक परियोजना 44 मेगावाट क्षमता है जबकि निमो बाजगो परियोजना में 45 मेगावाट क्षमता की इंस्टाल्ड कैपेसिटी है। वहीं जम्मू-कश्मीर स्टेट पावर डेवलपमेंट कारपोरेशन (जेकेएसपीडीसी) की नौ पनबिजली परियोजनाएं चल रही हैं। इनसे 14.56 मेगावाट की बिजली बनाने की क्षमता है। एनएचपीसी और जेकेएसपीडीसी दोनों की परियोजनाओं से कुल 103.56 मेगावाट की बिजली बनाई जा सकती है। इसकी तुलना में पूरे लद्दाख क्षेत्र (लेह और कारगिल) में साल भर में बिजली की औसत मांग 50 मेगावाट से कम है।
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सौर ऊर्जा के 7500 मेगावाट के प्रोजेक्ट
लद्दाख क्षेत्र को सौर ऊर्जा दोहन के लिए देशभर में सबसे बड़ा और उपयुक्त क्षेत्र पाया गया है। सोलर एनर्जी कारपोरेशन ऑफ इंडिया ने पांच हजार और ढाई हजार मेगावाट क्षमता के दो सोलर एनर्जी प्लांट मंजूर किए हैं। लेह में न्योमा ब्लाक के हालने खालदो गांव में 5000 मेगावाट का प्रोजेक्ट प्रस्तावित है। वहीं कारगिल जिले में जंस्कार के सुरू गांव में 2500 मेगावाट क्षमता का सोलर प्लांट प्रस्तावित है। दोनों परियोजनाओं पर अनुमानित 45 हजार करोड़ की लागत आएगी।
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डिवकाम लद्दाख, सौगत बिस्वास ने बताया कि लद्दाख विद्युत ऊर्जा की बड़ी संभावना वाला क्षेत्र है। कई परियोजनाएं पहले से चल रही हैं। समुद्रतल से ज्यादा ऊंचाई और बड़ा भूभाग होने की वजह से यहां सौर ऊर्जा के दो मेगा प्रोजेक्ट मंजूर हो चुके हैं। लद्दाख को ऊर्जा का बड़ा केंद्र बनाने के लिए एनर्जी सेक्टर को प्राथमिकता दी जा रही है।