जम्मू कश्मीर: कारगिल चुनाव में मिली जीत से नेकां-कांग्रेस सदस्यों में खुशी, लड्डू बांटकर मनाया जश्न
लद्दाख स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषद (एलएएचडीसी) कारगिल के चुनाव में नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) कों 12 और कांग्रेस को 10 सीटें मिली हैं। इसे लेकर नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस सदस्यों में खुशी का माहौल है।
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अनुच्छेद 370 के हटाए जाने के बाद केंद्र शासित लद्दाख में हुए पहले चुनाव में नेकां और कांग्रेस को भारी बहुमत मिला है। लद्दाख स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषद (एलएएचडीसी) कारगिल के चुनाव में नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) कों 12 और कांग्रेस को 10 सीटें मिली हैं। इसे लेकर नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस सदस्यों में खुशी का माहौल है। सोमवार को जम्मू समेत अन्य जिलों में नेकां और कांग्रेस सदस्यों ने लड्डू बांट कर जीत की खुशी मनाई। कई जगहों पर ढोल की थाप पर पार्टी कार्यकर्ता थिरकते भी नजर आए।
कांग्रेस नेताओं ने कहा- तेलंगाना और मध्यप्रदेश में भी खुलेगी मोहब्बत की दुकान
कारगिल चुनाव में कांग्रेस ने भारी जीत हासिल की है, जिसके चलते जम्मू कश्मीर के कांग्रेस के नेता गदगद हैं। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव व जम्मू नगर निगम के पूर्व चेयरमैन सतीश शर्मा ने अपने समर्थकों के साथ जीत पर जश्न मनाया। मिठाई बांटकर खुशी का इजहार किया। पूर्व चेयरमैन ने कहा कि जिस तरह से कारगिल हिल काउंसिल के चुनाव कांग्रेस के प्रत्याशियों को जनता का समर्थन मिला है, उससे एक बात साफ हो गई है कि इंडिया गठबंधन बनने के बाद जीत का आगाज जम्मू कश्मीर के कारगिल से हुआ है।
उन्होंने कहा कि इसी वर्ष 5 राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों में हम लोग राजस्थान और छत्तीसगढ़ में वापसी कर रहे हैं। तेलंगाना और मध्यप्रदेश में जीत कर वहां भी राहुल गांधी की मोहब्बत की दुकान खोलने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा ने कारगिल में जीत के लिए हर संभव प्रयास किया और अपने कई दिग्गज नेता यहां उतारे, मगर कारगिल की जनता ने उनके हर प्रयास को नकार कांग्रेस और नेकां के प्रति अपना विश्वास जताया है।
रियासी में ढोल की थाप पर थिरके नेशनल कांफ्रेंस के नेता
कारगिल चुनाव में नेशनल कांफ्रेंस को बारह सीट पर मिली जीत के बाद सोमवार को रियासी में पार्टी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने ढोल की थाप पर नाच कर जश्न मनाया। रियासी में विजय रैली को भी निकाली गई। पार्टी सदस्य तारिक भट्ट, चरण दास डोगरा, देव राज खजुरिया ने कहा कि लद्दाख में अनुच्छेद 370 हटने के बाद पहली बार चुनाव हुए हैं। कारगिल की जनता ने नेशनल कांफ्रेंस को अपना पूरा समर्थन दिया है। भाजपा को केवल दो ही सीटें मिली हैं। इससे साफ पता चलता है कि जनता बदलाव चाहती है।