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लाखों की आबादी पर तीन मनोचिकित्सक

Sun, 28 Dec 2014 11:11 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू Updated Sun, 28 Dec 2014 11:11 PM IST
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lack of psychiatrists in jammu province

संभाग के दस जिलों में मानसिक रोगियों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। इन जिलों की लाखों की आबादी के बीच जम्मू के साइक्रेटरी अस्पताल में मात्र तीन मनोचिकित्सक उपलब्ध हैं। जिला स्तर पर मानसिक रोगी रामभरोसे ही रहते हैं। तीमारदारों को मजबूरन मरीज के इलाज के लिए लंबा सफर तय कर जम्मू आना पड़ता है।

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जिला अस्पतालों में ऐसे रोगियों की पहचान कर उन्हें प्राथमिक चिकित्सा देने के लिए कुछ डाक्टरों को प्रशिक्षण देकर वहां लगाया गया था, लेकिन ढांचागत सुविधाओं और विशेषज्ञों की कमी से यह नाकाफी है। मनोचिकित्सकों की कमी के पीछे एक बड़ा कारण यहां पीजी कोर्स न होना है। इस कोर्स के लिए डाक्टरों को श्रीनगर या बाहर के राज्यों का रुख करना पड़ता है।
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संभाग में सरकारी स्तर पर मनोचिकित्सकों की सूची लगातार छोटी हुई है। पिछले साल साइक्रेटरी अस्पताल जम्मू में एचओडी पद से एक अधिकारी के सेवानिवृत्त होने के बाद अभी तक कोई वरिष्ठ मनोचिकित्सक उपलब्ध नहीं हो पाया है। मौजूदा समय में अस्पताल में एक एसोसिएट प्रोफेसर और दो लेक्चरर (सभी मनोचिकित्सक) की सेवाएं ली जा रही हैं।
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अस्पताल में रोजाना 100-130 मानसिक रोगी पहुंच रहे हैं। जिला अस्पतालों में मनोचिकित्सक  न होने से छोटी सी बीमारी के लिए भी मरीज को जम्मू लाना पड़ रहा है। वर्ल्ड हेल्थ आर्गनाइजेशन के दिशानिर्देशों पर एक लाख की आबादी पर एक मनोचिकित्सक होना चाहिए।

नया साइक्रेटरी ब्लाक शोपीस बना
संभाग में बढ़ते मानसिक रोगियों की संख्या को देखते हुए सीडी अस्पताल के साथ करोड़ रुपये की लागत से नया साइक्रेटरी ब्लाक का निर्माण किया गया है।  ढांचागत सुविधाओं और फैकल्टी की कमी से यह ब्लाक शोपीस बना हुआ है। अभी तक पुराने साइक्रेटरी ब्लाक के वार्डों को यहां शिफ्ट नहीं किया गया है।

मजेदार बात यह है कि नए ब्लाक में पानी की ही सुविधा उपलब्ध नहीं है। गत सितंबर माह में भारी बारिश के दौरान अंबफला स्थित पुराने साइक्रेटरी अस्पताल के सभी वार्डों के मरीजों को नए ब्लाक में शिफ्ट किया गया था। लेकिन ब्लाक में पानी की सुविधा न होने से मरीजों को वापस पुराने ब्लाक में शिफ्ट करना पड़ा।


सप्ताह में सिर्फ दो दिन ओपीडी

नए ब्लाक में बनाए गए संभाग के एकमात्र डीएडिक्शन सेंटर में सिर्फ बुधवार और शुक्रवार को ही ओपीडी चलाई जा रही है। हालांकि, इस ब्लाक को औपचारिक तौर पर शुरू हुए कई माह बीत गए हैं। साइक्रेटरी अस्पताल की अधीक्षक डा. उसमानी सोअदी के अनुसार नए ब्लाक में ढांचागत सुविधाओं को पूरा किया जा रहा है। इसके बाद सभी मरीजों को नए ब्लाक में शिफ्ट कर दिया जाएगा।

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