कुलगाम आतंकी हमलाः जहीरूदीन की आपबीती- आतंकवादी आए और कमरे से बाहर निकालकर गोलियों से भून दिया
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तारीख 29 अक्तूबर समय शाम के सात बजे, काम से लौटे छह मजदूर अपने कमरे में थे। इतने में फिरन पहने चार लोग आए और दरवाजा खटखटाया। खोलने पर सभी मजदूरों को कुछ दूर पैदल ले गए और ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।
ये आपबीती कुलगाम आतंकी हमले में घायल मजदूर जहीरूदीन ने सुनाई। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद के जहीरूदीन का स्किम्स में इलाज चल रहा है। उसे पेट में चार गोलियां लगी हैं। उसे अपने पांच साथियों के खोने का बेहद अफसोस है।
जहीरूदीन ने बताया कि कुलगाम जिले के कतरूसू गांव में 29 अक्तूबर की शाम हम लोग सेब के बगान में काम करने के बाद लौटे ही थे कि फिरन पहने चार आतंकी वहां पहुंचे और सभी को वहां से चलने के लिए कहा। थोड़ी दूर चलने पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं। हमारे पांच साथियों की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि मैं गंभीर रूप से घायल हो गया।
सामने खून से लथपथ कुछ लोग पड़े थे
जहीरूदीन के मुताबिक वह छह अक्तूबर को कश्मीर आया था। इससे पहले एक बार आया था तब करीब ढाई महीने रहा था। जहीरूदीन का इलाज कर रहे डॉक्टर ने बताया कि ऑपरेशन के बाद उसे क्रिटिकल केयर यूनिट में रखा गया था। उसकी हालात में सुधार आया है, इसके चलते उसे अब वार्ड में शिफ्ट किया गया है।
एक स्थानीय निवासी ने बताया कि नमाज पढ़ने गए कुछ लोग जब फायरिंग की आवाज सुनकर बाहर निकले तो देखा कि खून से लथपथ कुछ लोग पड़े थे। इसी दौरान पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों की सहायता से सभी को नजदीक के अस्पताल पहुंचाया गया, इनमें पांच की मौत हो चुकी थी।