बरसात के कहर ने ली मां-बेटी की जान
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वीरवार की तड़के हुई बारिश कहर बनकर बरसी। बाहु प्लाजा, जैन मंदिर से सटी अठारह फीट ऊंची दीवार गिरने से मां-बेटी की मौत हो गई, जबकि आधा दर्जन लोग जख्मी हो गए।
पुलिस को सूचना मिली तो छह माह की मासूम रागिनी और मां पार्वती (21) के शव को पोस्टमार्टम के लिए जीएमसी के शवगृह में पहुंचाया। मृतका मध्य प्रदेश के छतरपुर गांव रानीपुरा की रहने वाली थी।
पुलिस ने हादसे के लिए जिम्मेदार और लापरवाही के चलते एसएस जैन समाज बिरादरी और किराये पर झुग्गियां देने वाले गांधीनगर निवासी रवैल सिंह उर्फ राजू चौधरी के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है।
सभी घायल बिहार और मध्य प्रदेश के रहने वाले
पार्वती अपने पति संतोष कुमार, बेटी रागिनी, सास-ससुर के साथ पिछले तीन साल से जम्मू आकर रह रही थी। संतोष के मुताबिक रोजाना की तरह रात को खाना खाकर सो गए थे। फिर बीच में लाइट आती-जाती रही तो जगते भी रहे थे।
फिर जब नींद पड़ी तो सुबह बारिश शुरू हो गई। बारिश के करीब आधे घंटे के बाद धड़ाम की आवाज आई और 18 फीट की दीवार उनके ऊपर आ गिरी। वे जोर-जोर से चिल्लाने लगे। तीन झुग्गियां दीवार की चपेट में आईं। सभी ओर अफरा-तफरी मच गई।
आसपास के लोगों ने मलबे को हटाना शुरू किया, कुछ देर के बाद जब पार्वती और बच्ची को बाहर निकाला, तो देखा कि दोनों की सांस बंद हो चुकी थीं। इसके अलावा बिहार के रहने वाले चंदन कुमार, लक्ष्मीकुमारी, नितिश कुमार और कीर्ति देवी जख्मी हो गए।
सभी घायलों को कड़ी मशक्कत के बाद मलबे से बाहर निकाला और जीएमसी में भर्ती करवाया। इसके अलावा बचाते हुए नेपाल के रहने वाले केशव नाथ भी जख्मी हो गए। घायलों का आरोप है कि दीवार के नीचे मिट्टी की नींव थीं और मिट्टी से ही दीवार चिनवाई की गई थी। आश्रम के अंदर विकास कार्य होने के कारण नींव एकाएक खिसकती जा रही थी।