पढ़िए, कश्मीरी 'मैरी कोम' की संघर्ष की कहानी

Rahul Yadav Updated Sun, 12 Apr 2015 02:01 PM IST
kayaking canoeing  woman coach Bilquis Mir
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पानी की लहरों को चीरते हुए कयाकिंग और कनोइंग के क्षेत्र में अपनी कामयाबी की दास्तां लिख रही हैं जम्मू-कश्मीर की बिलकीस मीर एक नई दास्तान लिखी।
श्रीनगर के लाल बाजार इलाके की रहने वाली 27 वर्षीया बिलकीस जम्मू-कश्मीर वाटर स्पोर्ट्स एसोसिएशन की कोच हैं। लेकिन यहां तक पहुंचने के लिए पहले उन्हें बहुत ज़िद करनी पड़ी और लोगों के सवालों के जवाब देने पड़े।

बिलकीस मीर ने कयाकिंग और कनोइंग में कई तमगे हासिल किए हैं। वह पहली कश्मीरी महिला हैं जो भारत की कयाकिंग और कनोइंग टीम की तीसरी बार कोच बन रही हैं। इससे पहले वे 2007 से 2012 तक राष्ट्रीय टीम की कोच रहीं थीं।

जिस टीम को बिलकीस तैयार कर रही है वह कनोई मैराथन 2015 में भारत का प्रतिनिधित्व करेगी। वह पिछले तीन महीने से भोपाल में टीम को तैयारी करवा रही हैं।
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तानों देने वालों को द‌िया मुहं तोड़ जबाब

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