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Katra Landslide: कटड़ा हादसे में श्राइन बोर्ड ने तोड़ी चुप्पी, कहा- बादल फटने से पहले ही रोक दी गई थी यात्रा
Fri, 29 Aug 2025 01:13 PM IST
निकिता गुप्ता
अमर उजाला, नेटवर्क जम्मू
अमर उजाला, नेटवर्क जम्मू
Published by: निकिता गुप्ता
Updated Fri, 29 Aug 2025 01:13 PM IST
सार
कटड़ा हादसे को लेकर माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने सफाई देते हुए कहा कि मौसम अलर्ट का पूरा पालन किया गया और यात्रा समय रहते रोक दी गई थी। बोर्ड के अनुसार हादसा पूरी तरह अप्रत्याशित था और जिस स्थान पर भूस्खलन हुआ, वह पहले कभी संवेदनशील नहीं रहा।
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वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर भूस्खलन
- फोटो : ANI
विस्तार
कटड़ा में हुए हादसे को लेकर लगातार उठ रहे सवालों और गरमाती सियासत के बीच श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने तथ्यों के साथ अपना स्पष्टीकरण दिया है। बोर्ड ने श्रद्धालुओं की मौत पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उनके परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। जानमाल की हानि दुखद है, मानवीय रूप से पूर्वानुमानित नहीं थी, इसकी आशंका नहीं थी और रोक पाने से परे थी। बोर्ड शोक संतप्त परिवारों के साथ है।
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- बोर्ड के अनुसार 26 अगस्त को सुबह एक बजे तक मौसम साफ और यात्रा के लिए अनुकूल था, हेली सेवा भी चल रही थीं। इस दौरान यात्रा सामान्य रूप से चलती रही।
- मौसम संबंधी अपडेट पर लगातार नजर रखी जा रही थी। मौसम पूर्वानुमान और सलाह का सख्ती से पालन किया गया।-जैसे ही मध्यम बारिश का पूर्वानुमान पता चला, पंजीकरण तत्काल रोक दिया गया। कई यात्रा दर्शन करके लौट रहे थे, वे बीच रास्ते में थे।
- कई यात्री पड़ावों पर रास्ते में बने आश्रय शेड में रुके रहे। ये वे स्थान थे जो भूस्खलन के प्रति कभी संवेदनशील नहीं रहे।-कटड़ा व अर्धकुंवारी के बीच का नया ट्रैक अति संवेदनशील है, वहां से यात्रा 24 अगस्त से ही रोक दी गई थी।
- पुराना ट्रैक आम तौर पर सुरक्षित है, कड़ी निगरानी के बीच खुला रखा गया था। यहां बीते कई दशकों से कोईअप्रिय घटना नहीं हुई।-मौसम एडवाइजरी जारी होने के बाद 26 अगस्त को दोपहर 12 बजे तक ट्रैक पर यात्रा स्थगित थी।
- इंद्रप्रस्थ भोजनालय के पास का ट्रैक सबसे सुरक्षित स्थानों में से एक है, अप्रत्याशित रूप से यहीं 50 मीटर के हिस्से में बादल फटा, दोपहर 2:40 पर भूस्खलन हुआ। यहां पहले कभी कोई घटना नहीं हुई थी।-त्वरित राहत व बचाव व मलबा हटाने का काम युद्ध स्तर पर किया गया।
- पूरे ट्रैक पर छिटपुट पत्थरों से बचाव के लिए आश्रय शेड बिछाए गए हैं।
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