कठुआ कांडः सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पठानकोट शिफ्ट हुआ केस, 31 मई को अगली सुनवाई
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सात मई को सुप्रीम कोर्ट की ओर से दिए गए आदेश के बाद मंगलवार को कठुआ जिला एवं सत्र न्यायालय से मामला पठानकोट जिला एवं सत्र न्यायालय शिफ्ट कर दिया गया। 19 मई को कठुआ कोर्ट में सुप्रीम कोर्ट के आदेश की प्रति न पहुंचने के बाद 29 मई की तिथि अगली सुनवाई के लिए निर्धारित की गई थी।
आदेश की प्रति मिलते ही मंगलवार को पेशी बुलाई गई। मामले में आरोपी बनाए गए सभी लोगों समेत उनके वकीलों को भी इस संबंध में कठुआ कोर्ट ने जानकारी दे दी। जानकारी देते हुए एडवोकेट एके साहनी ने बताया कि कठुआ कोर्ट ने केस को पठानकोट शिफ्ट करने के साथ ही 31 मई को पठानकोट जिला एवं सत्र न्यायालय में अगली पेशी निर्धारित की है। सभी आरोपियों और उनके वकीलों को भी इस बाबत पेशी के दौरान बताया गया है।
उन्होंने कहा कि सुबह न्यायाधीश की ओर से उन्हें जानकारी मिली कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश की प्रति मिलने के बाद आज ही पेशी निर्धारित की गई है, ताकि मामला पठानकोट शिफ्ट किया जा सके। न्यायाधीश ने आरोपियों को बुलाया और बताया कि आज के बाद सुनवाई सेशन कोर्ट पठानकोट में होगी।
बताया गया कि मुलजिमों को रोज ले जाया जाएगा या फिर पठानकोट में रखा जाएगा, इस पर फैसला पठानकोट सेशन जज करेंगे। एडवोकेट एके साहनी ने बताया कि पठानकोट में एक उच्च स्तरीय बैठक चल रही है। पठानकोट जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने पंजाब एडीजी को भी बुलाया है। एसपी पठानकोट और एसएसपी कठुआ से भी बैठक की जा रही है। 31 से रोजमर्रा और इन कैमरा प्रोसीडिंग शुरू हो जाएगी।
पुलिस डायरी का बाहर लीक होना अपने आप में जुर्म
एडवोकेट एके साहनी ने कहा कि न्यूज एजेंसियों के हवाले से तरह तरह की खबरें आ रही हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस डायरी बाहर लीक होना अपने आप में जुर्म है। सरकार की ओर से गठित सिट बहुत अच्छी है कि आरोपियों और वकीलों को जानकारी नहीं होती और जांच के संबंध में जानकारी लीक कर दी जाती है।
कहा कि पुलिस अपनी त्रुटियां छुपाने में लगी है तभी ऐसा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में कोर्ट में अर्जी फाइल की जाएगी कि इस बात की जांच करवाई जाए कि जांच के कागजात कैसे लीक हुए हैं।