मुफ्ती ने आतंकी हमले में दी पाक को क्लीन चिट
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मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद ने आतंकी हमले की कड़ी निन्दा की लेकिन इस मामले में पाकिस्तान को क्लीन चिट भी दे दी। राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के उत्तर देते हुए अंत में मुफ्ती ने कहा कि हो सकता है कि आतंकी हमले में पाकिस्तान के स्टेट होल्डर शामिल नहीं हों। पाकिस्तान को खुद भी आतंकवाद के खिलाफ जंग लड़नी पड़ रही है।
पाकिस्तान को ऐसे तत्वों पर अंकुश लागना चाहिए। मुफ्ती का यह बयान तब आया है जब रियासत के तमाम सियासी दल हमले के लिए पाकिस्तान को सीधे तौर पर जिम्मेदार मान रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने हमले के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया है।
उन्होंने कहा कि फिदायीन सीमा पार कर रात में पाकिस्तान से आए और सुबह कठुआ के राजबाग थाने पर हमला किया। इससे पहले आतंकी हमले के विरोध में विधानसभा और विधान परिषद में हंगामा हुआ। विधान परिषद में कांग्रेस के तीन सदस्यों को मार्शल आउट भी किया गया।
कांग्रेस सदस्यों ने केंद्र सरकार की नीतियों को हमले के लिए जिम्मेदार ठहराया। विधानसभा शुरू होते ही नेकां के देवेन्द्र राणा ने आतंकी हमले को सुरक्षा चूक बताते हुए सरकार की आलोचना की। उन्होंने पूछा कि अब 56 इंच का सीना कहां गया? विपक्षी सदस्यों ने सरकार से स्पष्टीकरण की मांग की।
'इस्लाम अमन का पैगाम देता है'
उप मुख्यमंत्री निर्मल सिंह ने सदन को हमले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आतंकियों ने शुक्रवार की सुबह कठुआ के राजबाग थाने पर हमला किया। नेकां और कांग्रेस के सदस्य सरकार के उत्तर से संतुष्ट नहीं थे। उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। सीपीएम के एम वाई तारिगामी ने कहा कि सदन को इस मुद्दे पर एकजुट होकर हमले की निन्दा करनी चाहिए।
विधानसभा अध्यक्ष कवीन्द्र गुप्ता ने प्रस्ताव पारित कर हमले की निन्दा की। भोजनावकाश के बाद मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद ने सदन को बताया कि हमले में सीआरपीएफ के दो और पुलिस के एक जवान शहीद हुए हैं। एक नागरिक की भी मौत हुई है। उन्होंने शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए प्रभावित परिवारों को तुरंत मुआवजा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
राज्यपाल के अभिभाषण के उत्तर के बाद मुफ्ती फिर खड़े हुए और हमले की निन्दा की। उन्होंने कहा कि इस्लाम अमन का पैगाम देता है। दहशतगर्दी को इस्लाम से नहीं जोड़ा जा सकता। इसी क्रम में उन्होंने हमलावरों को पाकिस्तान का नागरिक नहीं होने की बात भी कही।
भाजपा विधायक रवीन्द्र रैना ने इसका विरोध करते हुए कहा कि इस बार भी हमला पाकिस्तानी आतंकियों ने ही किया है। यह घटनाक्रम बताता है कि अफस्पा को नहीं हटाया जा सकता। आतंकियों से निपटने में सेना को खुली छूट मिलनी चाहिए।