शहीद अय्यूब के परिवार ने मीरवाइज से पूछा, 'मुसलमान को क्यों मार रहा मुसलमान'
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श्रीनगर के पुराने शहर नौहट्टा में स्थित जामिया मस्जिद परिसर में घटी निंदनीय घटना में शहीद हुए डीएसपी मोहम्मद अयूब पंडित के जनाजे में भारी संख्या में स्थानीय लोग, पुलिस अधिकारियों ने भाग लिया। हर किसी की जुबान पर एक ही बात थी आखिर क्या कसूर था इसका ?
क्या इसकी हत्या के पीछे यही कारण था कि यह एक पुलिस कर्मी था, देश की रक्षा की इसने कसम खाई थी ? लेकिन इन सवालों का जवाब देने वाला कोई नहीं था। शहीद डीएसपी की बेरहमी से हत्या से परिवार और रिश्तेदारों में काफी रोष है।
शहीद डीएसपी के शव को शुक्रवार को श्रीनगर के नवापोरा में उनके पैतृक कब्रिस्तान में दफनाया गया। उनकी हत्या के बाद से पूरे मोहल्ले में शोक की लहर है। एक पड़ोसी अब्दुल कयूम के अनुसार वह एक नेक इंसान था। किसी के साथ उसका कोई बैर नहीं था लेकिन पता नहीं इसे क्यों मारा गया। महिलाओं की आंखों के आंसू नहीं थम रहे और उनमें इस हत्या को लेकर काफी आक्रोश है।
कई महिलाओं ने मीडिया के सामने चिल्ला चिल्ला कर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जाओ पूछो मीरवाइज से पूछो कि क्यों मुसलमान-मुसलमान का कत्ल कर रहा है ? क्यों एक कश्मीरी दूसरे कश्मीरी के खून का प्यासा हो गया है ?
कहां गया इस समय गिलानी ? क्या उनका यह सपूत मुखबिर था ? इस बीच तो एक महिला जो शायद शहीद डीएसपी की दूर की बहन थी ने चिल्ला चिल्ला कर बोला हां हम हिन्दुस्तानी हैं, मैं हिन्दुस्तानी हूं, जाओ क्या करना है कर लें वो लोग जिन्होंने हमारे सपूत को बेरहमी से मारा है।
अय्यूब के एक रिश्तेदार का कहना था कि किस्मत को हम बदल नहीं सकते। जो होना था वह हुआ। उन्होंने इसके पीछे कश्मीर मसले को जिम्मेदार ठहराया। चाहे नागरिक मरता है या पुलिस कर्मी मौत तो इंसान की होती है लेकिन यह तब तक जारी रहेगा जब तक मसला हल नहीं किया जाता।