{"_id":"5c58a914bdec22739402a9c1","slug":"kashmiri-political-parties-in-support-of-mamta-banerjee","type":"story","status":"publish","title_hn":"ममता बनर्जी के समर्थन में दिखे कश्मीर के राजनीतिक दल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ममता बनर्जी के समर्थन में दिखे कश्मीर के राजनीतिक दल
Tue, 05 Feb 2019 02:35 AM IST
राजेश सैनी
अमृतपाल सिंह बाली, श्रीनगर
अमृतपाल सिंह बाली, श्रीनगर
Published by: राजेश सैनी
Updated Tue, 05 Feb 2019 02:35 AM IST
विज्ञापन
सीएम महबूबा मुफ्ती
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पश्चिम बंगाल में सीबीआई बनाम मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच चल रही रस्साकशी के बीच कश्मीर के सभी राजनीतिक दल ममता बनर्जी के पक्ष में खड़े दिखाई दे रहे हैं। घटना क्रम की हर कोई निंदा कर रहा है। राजनीतिक दलों का कहना है कि जो कुछ हुआ वह गलत हुआ, इससे राज्य और केंद्र के बीच का संतुलन बिगड़ सकता है।
विज्ञापन
जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ़्ती ने कहा, ‘‘बहुत ही बदकिस्मती की बात है जिस तरह से सीबीआई जैसे संस्थानों को हमारे मुल्क में विपक्षियों के खिलाफ इसका इस्तेमाल किया जा रहा है। यह काफी गलत बात है, इससे पहले अखिलेश और मायावती के खिलाफ भी ऐसी ही साजिश रची गई। जम्मू कश्मीर में भी हमारा तजुर्बा बहुत खराब रहा है, चाहे वो सीबीआई हो या फिर एनआईए।
विज्ञापन
आज जो ममता बनर्जी के साथ हो रहा है वह सरासर गलत है और मैं और मेरी जमात उनके साथ खड़ी है। अगर इसी तरह हमारे संस्थानों को बदनाम किया जाएगा तो मुझे लगता है जो यह मुल्क है हमारा इसका जो फेडरल स्ट्रक्चर (राज्य और केंद्र का तालमेल)है उसमें दरार पड़ सकती है जो देश के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। मैं उम्मीद करती हूं कि सुप्रीमकोर्ट इसमें कोई कड़ा कदम उठाए और इन संस्थानों को बर्बाद होने से बचाए।
विज्ञापन
वहीं नेशनल कॉन्फ्रेंस के जनरल सेक्टरी अली मोहम्मद सागर ने कहा, ‘‘एक बड़े राज्यकी मुख्यमंत्री धरने पर बैठी। क्योंकि वह इसे एक पॉलिटिकल थ्रेट समझते हैं। ये ही लोग बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा देते हैं, और फिर एक महिला मुख्यमंत्री के साथ ऐसा व्यवहार करना सरासर गलत है।
हो सकता है कुछ गलत भी हुआ हो और अगर ऐसा हुआ है तो पहले मुख्यमंत्री को कांफिडेंस में लेना चाहिए था। कानून व्यवस्था राज्य सरकारका हक है और ऐसी एक जंग शुरू करना सही नहीं है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है और केंद्रसरकार के लिए शर्म की बात है। इसका खामियाजा उन्हे भुगतना पड़ेगा, जिस तरह तीन राज्यों में उन्हे जवाब मिला आने वाले वक़्त में इसकाभी लोग जवाब देंगे’’।
महबूबा के बयान पर रशीद ने साधा निशाना
निर्दलीय विधायक इंजीनियर रशीद ने कहा कि जब वो(महबूबा मुफ़्ती) एनआईए की बात करती है तो उनके मुह से यह बात अच्छी नहीं लगती। वह इतना झूठ बोल चुकी हैं कि अगर वो अब सच भी बोलेंगी तो उनका सच भी झूठ लगता है। उन्होंने एनआईए द्वारा पकड़े गए लोगों का नाम लेते हुए कहा कि जितने लोग कश्मीर से पकड़े गए उनको को महबूबा मुफ़्ती ने ही पकड़वाया। मेरा हाल भी आप लोगों ने खुद देखा जो पीडीपी वालों की बदौलत है।