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'कश्मीर की सड़कों पर आतंकवादी खुलेआम घूम रहे हैं'

Mon, 04 May 2015 10:12 AM IST
Updated Mon, 04 May 2015 10:12 AM IST
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kashmiri pandits stage protest in delhi over issue of township

घर वापसी पर केंद्र और राज्य सरकार के प्रयासों से कश्मीरी पंडित काफी आहत हैं। कश्मीर में कश्मीरी पंडितों के लिए अलग टाउनशिप बनाने की केंद्र और राज्य सरकार की मुहिम उन्हें रास नहीं आ रही है। रविवार को कश्मीरी पंडितों ने अपनी मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया।

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कश्मीरी पंडितों ने राज्य और केंद्र सरकार से उन्हें विश्वास में लेने की मांग करने के साथ ही राज्य सरकार से घाटी में कश्मीरी पंडितों की हत्या में शामिल सभी लोगों के खिलाफ अभियोजन पक्ष के मामलों को फिर से खोलने की मांग की। घाटी में वापसी के मुद्दे पर कश्मीरी पंडितों का कहना है कि कश्मीर की सड़कों पर आतंकवादी खुलेआम घूम रहे हैं वे कैसे वापस घर जाएं।
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इस दौरान उन्होंने घाटी में अलग बसाए जाने का विरोध करने को लेकर पाकिस्तान के झंडे भी जलाए। उन्होंने हुर्रियत कांफ्रेंस एवं अलगाववादी नेताओं के खिलाफ नारे लगाए। कश्मीरी पंडितों की मांग है कि यह फैसला करने का अधिकार उन्हें है कि वह घाटी में कहां और कैसे रहें? वे अलग जगह की मांग कर रहे हैं, जहां मुस्लिमों को भी रहने का अधिकार हो।

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कश्मीर की सड़कों पर आतंकवादी खुलेआम घूम रहे हैं

kashmiri pandits stage protest in delhi over issue of township

प्रदर्शनकारियों के हाथ में अनुच्छेद 370 को हटाने की मांग वाली तख्तियां भी थीं। प्रदर्शन में जम्मू, दिल्ली, मुंबई और देश के अन्य शहरों में रहने वाले कश्मीरी पंडितों ने भाग लिया। कश्मीरी पंडितों ने पुनर्वास को लेकर रायशुमारी करने के साथ-साथ विस्थापन के कारणों का पता लगाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार से जांच कमेटी गठित करने की मांग की।

प्रदर्शन में शामिल सेंसर बोर्ड के सदस्य अशोक पंडित ने कहा कि केंद्र सरकार रियासत के मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद के बयानों पर भरोसा कर रही है और यही कश्मीरी पंडितों के लिए बड़ी समस्या है। उन्होंने कहा कि कश्मीर की सड़कों पर आतंकवादी खुलेआम घूम रहे हैं।

इससे पूर्ववर्ती केंद्र सरकार और मौजूदा केंद्र सरकार में फर्क क्या रह जाता है। जम्मू कश्मीर विचार मंच के महासचिव मनोज भान ने बताया कि पुनर्वास की कोई योजना बनाने से पहले केंद्र व राज्य सरकार को कश्मीरी पंडितों से बात करनी चाहिए।


कश्मीरी पंडितों की अहम मांगें
- पुनर्वास की किसी योजना तैयार करने से पहले केंद्र व राज्य सरकार कश्मीरी पंडितों से बात करें।
- 1989-90 के दौरान घाटी से पंडितों को हटाए जाने की जांच के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार जांच कमीशन गठित करे।
- घाटी से सुनियोजित तरीके से भगाए जाने और कश्मीरी पंडितों की हत्या के मामलों को फिर खोला जाए और हत्यारों को सजा मिले।

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