{"_id":"39bd09fba9689f038ef395915473ecef","slug":"kashmiri-pandits-invited-separatists-to-solve-issues-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अलगाववादियों के संपर्क में कश्मीरी पंडित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अलगाववादियों के संपर्क में कश्मीरी पंडित
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Fri, 08 May 2015 12:16 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सेटेलाइट टाउन को लेकर जगती में रहने वाले कुछ कश्मीरी पंडित बीच का रास्ता तलाश करने के लिए अलगाववादी नेताओं के साथ संपर्क करने लगे हैं। कुछ कश्मीरी पंडितों ने अलगाववादी नेता उमर फारूक को बातचीत के लिए जगती टाउन में बुलाया था। बुधवार को उमर फारूक को जगती टाउन में आना था, लेकिन जब अन्य कश्मीरी पंडितों को इसका पता चला तो विरोध शुरू हो गया, जिसके बाद इस कार्यक्रम को स्थगित कर दिया गया।
विज्ञापन
जबसे केंद्र ने कश्मीर में कश्मीरी पंडितों के लिए सेटेलाइट टाउन बनाने की घोषणा की है, तब से ही पूरे कश्मीर में अलगाववादी नेता इसका विरोध कर रहे हैं। वहीं जम्मू और अन्य राज्यों में रहने वाले कश्मीरी पंडित सेटेलाइट टाउन की मांग को लेकर कई बार सड़कों पर उतर चुके हैं। पिछले कुछ दिनों से पूरा मामला लगातार गर्माया हुआ है। वहीं अब जगती टाउन में रहने वाले कश्मीरी पंडितों ने अलगाववादी नेताओं के साथ संपर्क करके बीच का रास्ता तलाश करने का प्रयास शुरू कर दिया है।
विज्ञापन
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक कुछ दिन पहले कुछ कश्मीरी पंडितों ने सेटेलाइट टाउन को लेकर अलगाववादी नेता उमर फारूक के साथ संपर्क किया और उमर फारूक को कश्मीरी पंडितों से बातचीत के लिए जगती टाउन में आने का न्योता दिया था। उमर फारूक ने संपर्क करने वाले कश्मीरी पंडितों को बुधवार को आने का समय दिया। वहीं जब जगती में रहने वाले अन्य कश्मीरी पंडितों को इसकी जानकारी मिली तो इसका विरोध शुरू हो गया।
विज्ञापन
कश्मीरी पंडितों का कहना था कि सेटेलाइट टाउन के लिए अलगाववादी नेता लगातार विरोध कर रहे हैं। विरोध करने वालों के साथ जगती में रहने वाले कश्मीरी पंडित कोई बातचीत नहीं चाहते हैं। आज नहीं तो कल कश्मीर में लौटना ही है। इसके लिए किसी अलगाववादी के सहयोग की जरूरत नहीं है। वहीं जब इस विरोध के बारे में उमर फारूक को पता चला तो जगती टाउन में आने के कार्यक्रम को स्थगित कर दिया।