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कश्मीरी पंडितों ने की मन की बात, कहा-कश्मीर में एक जगह बसाए जाए तो बनेगी बात

Fri, 10 Nov 2017 10:06 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, जम्मू
अमर उजाला ब्यूरो, जम्मू Updated Fri, 10 Nov 2017 10:06 PM IST
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kashmiri pandit tell their story, says let us live at one place
- फोटो : PTI

कश्मीर मसले के हल के लिए नियुक्त केंद्रीय वार्ताकार दिनेश्वर शर्मा के समक्ष शुक्रवार को विस्थापित कश्मीरी पंडितों के विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों ने एक स्वर में कहा कि कश्मीर में बनी विपरीत परिस्थितियों में वह अलग-अलग जगहों या फिर अपने घरों में नहीं लौट पाएंगे। सरकार अगर पुनर्वास के प्रति गंभीर है तो कश्मीर में किसी एक स्थान पर विस्थापित कश्मीरी पंडितों को बसाया जाए। 

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जम्मू कन्वेंशन सेंटर परिसर में भाजपा के विधान परिषद के सदस्य गिरधारी लाल रैणा, आल इंडिया कश्मीरी पंडित सभा के प्रधान एके रैणा, सनातन धर्म सभा हंदवाड़ा के प्रधान चांद जी, आल माइग्रेंट्स कैंपस के प्रतिनिधि टीएन भट्ट, प्रो. एमके रैणा आदि के संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय वार्ताकार से कहा कि कश्मीर में हालात ऐसे हैं कि अब कश्मीरी पंडित अपने पैतृक घरों में जाकर नहीं बस सकते। ऐसे में उन्हें एक ही जगह पर बसाया जाए। वहीं कश्मीरी पंडित सलाहकार बोर्ड का गठन किया जाना चाहिए। घाटी में कश्मीरी पंडितों के मंदिर व श्राइन से अतिक्रमण हटाया जाए। 
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उन्होंने प्रधानमंत्री पैकेज को पूरी तरह से लागू कराने, पंचायत व स्थानीय निकाय चुनाव में कश्मीरी पंडित विस्थापितों की भागीदारी सुनिश्चित करने व टैंपल और श्राइन बिल जल्द पारित करने की मांग भी की। पारगमन शिविरों की खस्ताहालत को ठीक कराने की भी बात वार्ताकार के समक्ष रखी।
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कश्मीरी पंडित विस्थापितों के विभिन्न संगठनों के संयुक्त प्रतिनिधिमंडल जिसमें पनुन कश्मीर के प्रधान अश्विनी कुमार चुरंगू, आल इंडिया कश्मीरी पंडित कांफ्रेंस के प्रधान एचएन जत्तू, यूथ आल इंडिया कश्मीरी समाज के प्रधान आरके भट्ट और पनुन कश्मीर के राष्ट्रीय प्रवक्ता वीरेंद्र रैणा आदि ने केंद्रीय वार्ताकार से कहा कि कश्मीरी पंडित विस्थापितों को कश्मीर में अलग होमलैंड देकर उनका पुनर्वास किया जाए।

इसके अलावा अनुच्छेद 35ए और 370 को हटाया जाए। पाकिस्तान की तरफ से अवैध रूप से अपने कब्जे में रखे गए जम्मू कश्मीर के हिस्से को वापस लिया जाए। एचएन जत्तू ने कहा कि कश्मीर में शांति बहाली की जरूरत है। कश्मीरी पंडित आतंकवाद के सताए हुए हैं और चाहते हैं कि आतंकवाद का समूल नाश हो। पंडित आरके भट्ट ने कहा, प्रधानमंत्री रोजगार पैकेज को पूरी तरह से लागू किया जाना चाहिए। सबसे जरूरी विशेष भर्ती बोर्ड का गठन हो और ओवरएज हो चुके युवाओं का वन टाइम सेटलमेंट किया जाए।

रियासत में सभी भारतीय हितधारक : दिनेश्वर

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केंद्रीय वार्ताकार दिनेश्वर शर्मा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में रहने वाले सभी भारतीय हितधारक हैं। बातचीत के लिए यह सिलसिला लंबा चलने वाला है। जम्मू कन्वेंशन सेंटर परिसर में शुक्रवार को पत्रकारों के सवालों पर शर्मा ने कहा कि केंद्रीय वार्ताकार नियुक्त होने के बाद जम्मू-कश्मीर राज्य का उनका पहला दौरा है।

वार्ता का यह सिलसिला लंबा चलने वाला है। हुर्रियत से बातचीत के सवाल पर वार्ताकार ने कहा कि उम्मीद है कि आने वाले दौरों में हुर्रियत से भी बातचीत हो सकती है। उन्होंने कहा कि राज्य का पहला दौरा और कश्मीर के अलावा जम्मू में कई प्रतिनिधिमंडल का उनसे मिलना काफी बेहतर रहा है। नियमित चलने वाली बातचीत का सिलसिला शुरू किया गया है और उम्मीद हैं कि इससे बेहतर नतीजे निकलेंगे।

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