जन्नत में नए साल के जश्न पर पीडीपी और हुर्रियत में घमासान
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जन्नत में नए साल के जश्न पर विरोध का बवाल स्वागत के जोश के आगे पस्त होता दिख रहा है। हुर्रियत, दुख्तराने मिल्लत सहित तमाम कट्टरवादी और अलगाववादी संगठन नए साल के स्वागत में होने वाले आयोजनों को इस्लाम विरोधी और संस्कृति के खिलाफ बता रहे हैं।
सरकार में शामिल दोनों प्रमुख दल भाजपा और पीडीपी कार्यक्रमों के समर्थन में हैं। नेशनल कान्फ्रेंस ने भी आयोजनों को सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की है।
परवाज-ए-कश्मीर के साथ-साथ गुलमर्ग में होने वाले कार्यक्रमों को महिला अलगाववादी नेता आसिया अंद्राबी द्वारा गैर इस्लामिक बताए जाने के बाद कट्टरपंथी अलगाववादी नेता और हुर्रियत (ग) के अध्यक्ष सैयद अली शाह गिलानी ने भी आयोजनों की खिलाफ़त करते हुए युवाओं से अपनी मजहबी और इखलाकी रिवायत को याद रखने की बात कही।
परवाज-ए-कश्मीर के साथ होगा आग़ाज
विरोध के बावजूद कश्मीर में नए साल का स्वागत जोर शोर से होगा। सबसे चर्चित आयोजन कश्मीरियत द्वारा गुलमर्ग में होगा जहां श्रीनगर का परवाज-ए- कश्मीर बैंड अपना शो करेगा। इसमें श्रीनगर के स्थानीय गायक और अन्य कलाकार प्रस्तुतियां पेश करेंगे।
इस कार्यक्रम में हर कोई हिस्सा ले सकेगा। गायकी में कश्मीर के स्थानीय गायक मदारी मुदगल, अली सैफुदीन अपनी आवाज का जादू बिखेंरेंगे। जानेमाने सैंड आर्टिस्ट राहुल आर्या परफार्म करेंगे। प्रिंस डांस ग्रुप भी जलवे बिखेरेगा।
गुलमर्ग के होटल ग्रैंड मुमताज में म्यूजिकल गाला नाइट एवं डिनर आयोजित किया जाएगा। इसके अलावा श्रीनगर, पहलगाम और गुलमर्ग के कई होटलों में ठहरने वाले पर्यटकों के लिए रंगारंग कार्यक्रम होंगे। इनमें कोई बाहर का व्यक्ति नहीं जा सकेगा। डल झील में भी हाउसबोट मालिक रुकने वाले पर्यटकों को 31 दिसंबर को विशेष डिनर उपलब्ध कराएंगे।