{"_id":"58f6f60b4f1c1ba346471ebd","slug":"kashmir-violence-kills-state-s-tourism-tremendously","type":"story","status":"publish","title_hn":"कश्मीर हिंसा से रियासत के पर्यटन पर पड़ी जबरदस्त मार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कश्मीर हिंसा से रियासत के पर्यटन पर पड़ी जबरदस्त मार
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Wed, 19 Apr 2017 11:01 AM IST
विज्ञापन
हजारों पर्यटकों ने घाटी आने का प्लॉन किया रद्द
- फोटो : File Photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कश्मीर घाटी के मौजूदा हालातों की राज्य के पर्यटन पर जबरदस्त मार पड़ी है। न होटलों में बुकिंग हैं, न हाउस बोट और ट्रेवल एजेंटों के हाथ भी खाली हैं।
कई राज्यों में दौरा करने के बावजूद कश्मीर के हालात सभी प्रयासों पर भारी पड़ गए हैं। अप्रैल का महीना लगभग बीत चुका है। मई जून और जुलाई तीन महीने तक कश्मीर में पर्यटकों का आना-जाना होता है, लेकिन मौजूदा हालात ऐसे नहीं है कि आने वाले महीनों में भी कोई आए।
जम्मू और कटड़ा में 650 टूर एंड ट्रेवल एजेंट हैं। इन्हीं लोगों के माध्यम से देशभर का पर्यटक कटड़ा और कश्मीर आता है। टूर एंड ट्रेवल एजेंट एसोसिएशन के प्रधान राजेश गुप्ता का कहना है कि उनके पास मौजूदा समय और आने वाले समय तो दूर 2017 में जीरो बुकिंग है।
यहां तक उनसे कोई बुकिंग के लिए पूछ तक नहीं रहा। वह लोग मुंबई, गुजरात, दिल्ली, कलकत्ता सहित कई राज्यों के ट्रेवल एजेंटों के साथ मिलकर आए। इसके बावजूद इन लोगों की तरफ से एक रुपये की बुकिंग नहीं दी गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
कई राज्यों में दौरा करने के बावजूद कश्मीर के हालात सभी प्रयासों पर भारी पड़ गए हैं। अप्रैल का महीना लगभग बीत चुका है। मई जून और जुलाई तीन महीने तक कश्मीर में पर्यटकों का आना-जाना होता है, लेकिन मौजूदा हालात ऐसे नहीं है कि आने वाले महीनों में भी कोई आए।
जम्मू और कटड़ा में 650 टूर एंड ट्रेवल एजेंट हैं। इन्हीं लोगों के माध्यम से देशभर का पर्यटक कटड़ा और कश्मीर आता है। टूर एंड ट्रेवल एजेंट एसोसिएशन के प्रधान राजेश गुप्ता का कहना है कि उनके पास मौजूदा समय और आने वाले समय तो दूर 2017 में जीरो बुकिंग है।
विज्ञापन
यहां तक उनसे कोई बुकिंग के लिए पूछ तक नहीं रहा। वह लोग मुंबई, गुजरात, दिल्ली, कलकत्ता सहित कई राज्यों के ट्रेवल एजेंटों के साथ मिलकर आए। इसके बावजूद इन लोगों की तरफ से एक रुपये की बुकिंग नहीं दी गई।
विज्ञापन