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कश्मीर: उमर और महबूबा की अभी नहीं होगी रिहाई, रहेंगे नजरबंद, ऐसे तय की जाएगी तारीख
Fri, 23 Aug 2019 10:09 AM IST
Pranjal Dixit
एजेंसी, जम्मू
एजेंसी, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Fri, 23 Aug 2019 10:09 AM IST
सार
- जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के फैसले के पहले और बाद में नजरबंद किए गए थे यह नेता
- एक अधिकारी ने कहा- इनकी रिहाई के बारे में फैसला पूरी तरह राज्य के हालात पर निर्भर करेगा
- कहना बहुत कठिन कि यह नेता कब रिहा होंगे, पर कोई भी फैसला लेने में जल्दबाजी नहीं कर रहे
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उमर अब्दुल्ला व महबूबा मुफ्ती
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के फैसले के पहले और बाद में नजरबंद और गिरफ्तार किए गए नेता फिलहाल बाहर नहीं आ रहे हैं। नजरबंद किए गए नेताओं में पूर्व मुख्यमंत्री नेशनल कांफ्रेंस के उमर अब्दुल्ला और पीडीपी की महबूबा मुफ्ती भी शामिल हैं। अगले कुछ दिन तक इनके पुलिस की हिरासत में ही रहने की संभावना है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि एहतियाती तौर पर हिरासत में लिए गए नेताओं की रिहाई के बारे में कोई भी फैसला स्थानीय प्रशासन की राय और वहां के हालात पर निर्भर करेगा। अधिकारी ने कहा कि यह कहना बहुत कठिन है कि हिरासत में लिए गए नेताओं को कब रिहा किया जाएगा। उन्होंने संकेत दिए कि इस मामले में किसी भी तरह की जल्दबाजी नहीं की जा रही है।
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उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती को श्रीनगर में अलग-अलग गेस्ट हाउस में हिरासत में रखा गया है, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला अपने घर में नजरबंद हैं। दूसरे राजनीतिक दलों के नेताओं को भी गेस्ट हाउस में नजरबंद किया गया है।
हालांकि राज्य प्रशासन की ओर से पांच अगस्त के बाद से हिरासत में लिए जाने वाले नेताओं की संख्या नहीं बताई गई है। अनुमान के आधार पर इनकी संख्या दो हजार से अधिक बताई जा रही है।
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एक वरिष्ठ अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि एहतियाती तौर पर हिरासत में लिए गए नेताओं की रिहाई के बारे में कोई भी फैसला स्थानीय प्रशासन की राय और वहां के हालात पर निर्भर करेगा। अधिकारी ने कहा कि यह कहना बहुत कठिन है कि हिरासत में लिए गए नेताओं को कब रिहा किया जाएगा। उन्होंने संकेत दिए कि इस मामले में किसी भी तरह की जल्दबाजी नहीं की जा रही है।
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उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती को श्रीनगर में अलग-अलग गेस्ट हाउस में हिरासत में रखा गया है, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला अपने घर में नजरबंद हैं। दूसरे राजनीतिक दलों के नेताओं को भी गेस्ट हाउस में नजरबंद किया गया है।
हालांकि राज्य प्रशासन की ओर से पांच अगस्त के बाद से हिरासत में लिए जाने वाले नेताओं की संख्या नहीं बताई गई है। अनुमान के आधार पर इनकी संख्या दो हजार से अधिक बताई जा रही है।